Bhavishya Malika Puran कलयुग का अंत नजदीक आएगा तब क्या माहौल होगा, क्या कहती है भविष्य मालिका, कोरोना पर भी सटीक निकली भविष्यवाणी

Khabarwala 24 News New Delhi : Bhavishya Malika Puran भारत में महान ऋषि मुनियों में से एक ग्रुप हुआ था, जिसे भारत में आज पंचसखा के नाम से जाना जाता है। इन पांच महापुरुषों ने मिलकर लगभग 318 किताबें लिखी थी, जिसमें से एक किताब को भविष्य मालिका के नाम से जाना जाता है। यह […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Bhavishya Malika Puran भारत में महान ऋषि मुनियों में से एक ग्रुप हुआ था, जिसे भारत में आज पंचसखा के नाम से जाना जाता है। इन पांच महापुरुषों ने मिलकर लगभग 318 किताबें लिखी थी, जिसमें से एक किताब को भविष्य मालिका के नाम से जाना जाता है। यह आज के समय में काफी लोकप्रिय है, क्योंकि भविष्य मालिका में आने वाले समय में घटने वाली घटनाओं के बारे में लिखा गया है। इस किताब में लिखी गई बातों में से बहुत सारी घटनाएं घट भी चुकी हैं। डिकोड करने वाले लोगों के अनुसार भविष्य मालिका में कलयुग का अंत जब नजदीक आएगा तब दुनिया का क्या माहौल होगा उसके बारे में बताया गया है। उस समय लोग ईश्वर को भूल जाएंगे और उनके खिलाफ बोलना शुरू कर देंगे। ज्यादातर लोग किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करेंगे। समाज में बड़ों और गुरुओं का सम्मान खत्म हो जाएगा। धर्म गुरु और बाबा लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करेंगे। लोग भ्रष्टाचार और अपराध के रास्ते से धन कमाएंगे। अपराधी खुलेआम खतरनाक हथियार लेकर घूमेंगे और इस्तेमाल भी करेंगे। स्त्री और पुरुष दोनों अनैतिक संबंध और व्यभिचार को अपनाने लगेंगे। इसके साथ ही कलयुग के अंत से पहले खाने के सामान की कमी हो जाएगी। बीमारियां और दुर्घटनाएं बढ़ जाएगी, जिसके चलते लोग अपने शासक के खिलाफ बगावत करने लगेंगे।

किताब में क्या-क्या लिखा (Bhavishya Malika Puran)

इस किताब में आने वाले समय में जो घटनाएं घटने वाली हैं, उस बारे में लिखा गया है। इसमें से बहुत सारी घटनाएं ऐसी है जोकि आज से 500 साल पहले ही लिख दी गई थी, जो सही भी साबित हो चुकी हैं। भविष्य मालिका में आज से 500 साल पहले ही कोरोना महामारी के बारे में लिख दिया गया था फिर जापान में आए बड़े से भूकंप के बारे में भी इस किताब में पहले से ही बता दिया गया था। कल्कि अवतार कब, कहां और कैसे होगा। कलयुग के आखिर में क्या-क्या देखने को मिलेगा। तीसरा विश्व युद्ध कब और कैसे शुरू होगा। इसमें भारत का क्या योगदान होगा और इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा। ऐसी बहुत सारी भविष्यवाणियां किताब में लिखी गई है।

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कोरोना पर भविष्यवाणी (Bhavishya Malika Puran)

भविष्य मालिका किताब उड़ीया भाषा में लिखी गई है और इस किताब में साफ-साफ नहीं लिखा है कि इस दिन या इस साल ऐसा होगा। संत अच्युतानंद दास ने जो लिखा है, वह पहेलियों के रूप में लिखा है और इन पहेलियों को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है फिर भी बहुत सारे लोग इस किताब को डिकोड करने की कोशिश करते रहते हैं। इस कारण तो आज इंटरनेट की दुनिया में आप देखेंगे तो आपको बहुत सारी भविष्यवाणियां देखने को मिलेगी, जिसमें बताया जाता है कि भविष्य मालिका में ऐसा लिखा है।

पीपल के पेड़ का कनेक्शन (Bhavishya Malika Puran)

कोरोना महामारी और जगन्नाथ मंदिर के अंदर पीपल का पेड़ में एक कनेक्शन है। भविष्य मालिका में 500 साल पहले यह लिख दिया गया था कि जगन्नाथ मंदिर में जो पूजनीय पीपल का पेड है, जिसे कल्प वृक्ष के नाम से जाना जाता है, जब भी यह पेड़ टूटेगा तब दुनिया में एक ऐसी महामारी आएगी, जिसमें लाखों लोग मारे जाएंगे. उड़ीसा में अप्रैल 2019 में फेनी साइक्लोन आया था, जिसमें 600 साल पुराना यह बरगद का पेड़ टूट गया था और इसी घटना के छ महीने बाद ही कोरोना महामारी आई, जिसमें लाखों लोगों की जान चली गई थी।

कलयुग के अंत के संकेत (Bhavishya Malika Puran)

इसके अलावा कई डिकोड करने वाले लोग यह दावा कर रहे हैं कि भविष्य मालिका के अनुसार जगन्नाथ मंदिर ही कलयुग के अंत का संकेत देगा। इसके मुताबिक साल 2019 के बाद दुनिया का अंत कभी भी हो सकता है, क्योंकि जगन्नाथ मंदिर ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं जो अंत की ओर इशारा करते हैं। भविष्य मालिका के अनुसार जगन्नाथ मंदिर के ध्वज में आग लगना अंत का संकेत होगा। अब कई सदिया बीत गई, लेकिन मंदिर के ध्वज में कभी आग नहीं लगी थी, लेकिन 26 मार्च 2020 के दिन जगन्नाथ मंदिर के ध्वज में आग लग गई।

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मंदिर परिसर में आया पानी (Bhavishya Malika Puran)

दूसरा संकेत यह है कि बीती कई सदियों से जगन्नाथ मंदिर के ऊपर कोई भी पंछी कभी बैठता नहीं था, लेकिन 2019 के बाद से मंदिर पर चिड़ियों का बैठना कई बार देखा गया है और भविष्य मालिका में लिखा हुआ है कि जब पंछी जगन्नाथ मंदिर के झंडे के आसपास बैठने लगेंगे तो यह संकेत होगा कि अंत बहुत नजदीक है। इसके साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि मंदिर का ध्वज उठकर समुद्र के पानी में गिरेगा वो भी अंत का संकेत होगा तो ऐसा भी हो चुका है। 2019 के फैनी साइक्लोन में समुद्र का पानी तूफान के चलते मंदिर के परिसर में आ गया था और तेज हवाओं के कारण मंदिर का ध्वज गिरकर नीचे गिर गया था।

30 मार्च को मीन राशि में शनि (Bhavishya Malika Puran)

भविष्य मालिका के अनुसार तीसरा संकेत यह है कि शनि ग्रह जब मीन राशि में प्रवेश करेगा, उसके साथ ही दुनिया के अंत की शुरुआत हो जाएगी तो 30 मार्च 2025 के दिन शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, मतलब अगर कुछ होने वाला है तो अगले साल में पता चलना शुरू हो जाएगा। डिकोड करने वाले लोगों के अनुसार जगन्नाथ मंदिर के ऐसे कई संकेत है, जो अंत की ओर इशारा करते हैं।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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