Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri महाशिवरात्रि पर पूरे दिन भद्रा, शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए मिलेगा बस इतना समय

Khabarwala 24 News New Delhi : Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri हर साल महाशिवरात्रि का भगवान शिव के भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन चारों ओर मंदिरों, शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे होते हैं। भक्त भाव-विभोर होकर पूजा उपासना में लीन रहते है। दरअसल, हर साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri हर साल महाशिवरात्रि का भगवान शिव के भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन चारों ओर मंदिरों, शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे होते हैं। भक्त भाव-विभोर होकर पूजा उपासना में लीन रहते है। दरअसल, हर साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। चतुर्दशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है। आइए आपको महाशिवरात्रि की महिमा और चार पहर की पूजा का शुभ मुहूर्त बताते हैं…

हिन्दू परंपरा का बहुत बड़ा पर्व (Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri)

महाशिवरात्रि हिन्दू परंपरा का एक बहुत बड़ा पर्व है। सामान्यतः इसे चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिवजी का प्राकट्य हुआ था। शिव जी का विवाह भी इस दिन माना जाता है। इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।

महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि (Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri)

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11.08 बजे शुरू होगी। इस तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 08.54 मिनट पर होगा। महाशिवरात्रि में रात्रि के पूजन का विधान है इसलिए 26 फरवरी को रात में महादेव का पूजन किया जाएगा।

भद्रा और जल चढ़ाने का मुहूर्त (Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri)

ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया रहने वाला है। हालांकि जानकार बताते हैं कि भद्रा का असर इस बार पाताल लोक में है और ज्योतिष के अनुसार पाताल की भद्रा का पृथ्वी पर कोई असर नहीं होगा इसलिए निसंकोच शुभ पहर में महादेव की पूजा कर सकते हैं और जल चढ़ा सकते हैं।

शिव का श्रृंगार व जलाभिषेक (Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri)

महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए दिन के प्रत्येक पहर में शुभ मुहूर्त रहेगा। 26 फरवरी को सुबह 06.47 से 09.42 तक फिर सुबह 11.06 से दोपहर 12.35 तक दोपहर में ही 03.25 से 06.08 तक का जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त है रात में 08.54 से रात 12.01 बजे तक शिवलिंग का श्रृंगार किया जा सकता है।

चार पहर पूजा का शुभ मुहूर्त (Bhadra Kaal 2025 Mahashivratri)

प्रथम प्रहर में पूजन समय-26 फरवरी शाम 06.19 से रात्रि 09.26 तक

दूसरे प्रहर में पूजन समय- रात 09.26 से 27 फरवरी मध्य रात्रि 12.34 तक

तीसरे प्रहर में पूजन समय- 27 फरवरी मध्य रात्रि 12.34 से प्रातः 03.41 तक

चतुर्थ प्रहर में पूजन समय- 27 फरवरी को प्रातः 03.41 से सुबह 06.48 तक।

Disclaimer : यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। ्Khabarwala 24 News इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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