Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में बदनौली गांव के बहुचर्चित दलित युवक दीपक हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना व्यक्त करने जा रहे कांग्रेस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रास्ते में ही रोक दिया। पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंवर दानिश अली के नेतृत्व में बदनौली जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल को रोके दिया। वहीं स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जिले के कई अन्य स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। इसके बावजूद, कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल व राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रशासनिक घेराबंदी और कांग्रेसी नेताओं की नजरबंदी (Hapur News)
बदनौली गांव में पिछले दिनों हुई अंधाधुंध फायरिंग और आपराधिक वारदात के दौरान दलित समाज के युवक दीपक की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के बाद से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव व्याप्त था। कानून-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए हापुड़ पुलिस-प्रशासन ने पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी थी।

जैसे ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल बदनौली गांव की ओर रवाना होने वाला था, पुलिस बल ने उन्हें दिल्ली रोड पर कांग्रेस के जिला कार्यालय के बाहर ही रोक लिया। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र में किसी भी प्रकार के व्यापक विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने धौलाना विधानसभा प्रत्याशी अरविंद शर्मा, पूर्व प्रदेश महासचिव विजय गोयल, पिलखुआ नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी, जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर आदि कई कांग्रेसी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया।
‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त’: कुंवर दानिश अली (Hapur News)
पुलिस प्रशासन द्वारा बदनौली जाने से रोके जाने पर पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।दानिश अली ने कहा, “हम यहां किसी भी प्रकार से शांति व्यवस्था में खलल डालने नहीं आए हैं। हम जननायक राहुल गांधी के शांति दूत बनकर पहुंचे हैं। हम उत्तर प्रदेश के अंदर राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ का संदेश लेकर आए हैं और पीड़ित परिवार का दुख-दर्द बांटना चाहते हैं। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि उत्तर प्रदेश में अब विपक्ष को पीड़ितों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। क्या राज्य में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है?”
View this post on Instagram
पूर्व सांसद ने आगे कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। आए दिन दलितों, गरीबों, वंचितों और बहुजन समाज के लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं। हापुड़ में ही कुछ दिन पहले गौरव त्यागी की हत्या हुई और अब बदनौली में निर्दोष दीपक को मौत के घाट उतार दिया गया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में दबंगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और प्रदेश में नफरत की राजनीति की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मध्यस्थता और वीडियो कॉल पर वार्ता (Hapur News)
पूर्व सांसद दानिश अली और उनके साथ मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता जब बदनौली जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की मांग पर अड़े रहे, तो मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। इसके बाद स्थिति को संभालने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विनीत भटनागर, क्षेत्राधिकारी (CO) दीपक चतुर्वेदी, हापुड़ कोतवाली प्रभारी सुरेश कुमार और पिलखुवा थाना प्रभारी मनोज बालियान ने मोर्चा संभाला।
पुलिस अधिकारियों ने पूर्व सांसद और प्रतिनिधिमंडल के अन्य नेताओं को कानून-व्यवस्था को लेकर काफी देर तक समझाया-बुझाया। काफी मशक्कत के बाद, जब दानिश अली पीड़ित परिवार से बातचीत करने पर अड़े रहे, तो पुलिस प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला। अधिकारियों ने अपने मोबाइल से बदनौली में मौजूद मृतक दीपक के परिजनों को वीडियो कॉल मिलाई और पूर्व सांसद की उनसे सीधी बात करवाई। वीडियो कॉल के जरिए दानिश अली ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया, घटना पर गहरा दुख जताया और उन्हें हर संभव कानूनी व सामाजिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।

राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन (Hapur News)
घटनाक्रम के अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित इस ज्ञापन में बदनौली हत्याकांड के सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा गांव में पीड़ित परिवार को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने की मांग रखी गई। एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनके ज्ञापन को नियमानुसार उचित माध्यम से तत्काल राजभवन और शासन तक भेज दिया जाएगा। वहीं जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी, शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा है कि कांग्रेस दुख दर्द में हर किसी के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनों को आखिर पीड़ित परिवार से क्यों मिलने नहीं दिया जा रहा?
View this post on Instagram
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नेता (Hapur News)
इस दौरान पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव विशाल वशिष्ठ, गाजियाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष विनीत त्यागी, गाजियाबाद नगर अध्यक्ष वीर सिंह जाटव, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन, गाजियाबाद सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, एससी/एसटी प्रकोष्ठ की प्रदेश सचिव रश्मि चौधरी, रामप्रसाद जाटव, डॉ. वीसी शर्मा, सविता गौतम, नरेश भाटी, चौधरी मुरसलीन, मानवी सिंह, गौरव गर्ग, मजहर खान, गुलफाम कुरैशी, रामलाल आर्य, लाल बहादुर, मोहम्मद नफीस, आमिर मलिक, अजीत शर्मा, मोहम्मद परवेज, फुरकान, बॉबी त्यागी, अर्पित अंबेडकर, अनूप कर्दम, गोपाल भारती और अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










