Khabarwala24 News Ram Mandir Trust CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता व पेशेवर निपुणता लाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव को ट्रस्ट में नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है।
ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे नए सीईओ, मिलेंगे ये प्रशासनिक अधिकार (Ram Mandir Trust CEO)
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विशाल मंदिर परिसर के प्रबंधन, आगामी योजनाओं और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए पेशेवर सीईओ की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी।
नए नियमों के अनुसार, सीईओ जितेंद्र मिश्र के पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक शक्तियां होंगी। वे सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। उनके आने से मंदिर प्रबंधन का ढांचा अधिक संगठित और पारदर्शी बनेगा।
खाली पदों पर हुई 3 नए सदस्यों की तैनाती
ट्रस्ट में पूर्व महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा विमलेंद्र मोहन के दुखद निधन के कारण तीन स्थान रिक्त चल रहे थे। इन खाली पदों को भरते हुए नए सदस्यों का चयन किया गया है:
- मदन मोहन पांडेय (अयोध्या): हाईकोर्ट में राम मंदिर पक्ष के प्रमुख वकील रहे हैं।
- महेश भागचन्दका (दिल्ली): वरिष्ठ समाजसेवी और दिवंगत विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।
- निर्मला यादव (शिकोहबाद): सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली प्रतिनिधि हैं।
इन तीनों नए सदस्यों ने हाल ही में आयोजित राम मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक बैठक में ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया।
पूर्वांचल का गौरव: देवरिया से निकला फाइटर पायलट का शानदार सफर
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की भाटपार रानी तहसील अंतर्गत भोपतपुरा गांव के रहने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का सैन्य करियर बेहद स्वर्णिम रहा है। देवरिया के विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा कि उनकी इस ऐतिहासिक पद पर नियुक्ति से देवरिया, पूर्वांचल और पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
जितेंद्र मिश्र ने 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। 39 वर्षों से अधिक की अपनी समर्पित सेवा के दौरान उन्होंने 3000 घंटे से अधिक की सफल उड़ान भरी। वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी रहे हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान पर ऐतिहासिक एयर स्ट्राइक का कनेक्शन
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक भारतीय वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) की जिम्मेदारी निभाई।
मई 2025 में चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उन्होंने वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व किया था। हाल ही में उन्होंने इस ऑपरेशन से जुड़ा बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि उनके नेतृत्व में एस-400 (S-400) मिसाइल डिफेंस सिस्टम के जरिए 314 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी एडब्ल्यूएसीएस (AWACS) विमान को मार गिराने की मंजूरी दी गई थी।
सम्मान और उच्च स्तरीय रणनीतिक अनुभव
जितेंद्र मिश्र नेशनल डिफेंस अकादमी (पुणे), एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (बेंगलुरु), एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (अमेरिका) और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (ब्रिटेन) के पूर्व छात्र रहे हैं। अपने सैन्य करियर में वे डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, कमांडेंट (ASTE) और चीफ टेस्ट पायलट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
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