NHAI टोल प्लाजा पर फर्जी सॉफ्टवेयर का बड़ा खेल! 95% टैक्स डकारने वाले सिंडिकेट पर ED की 7 राज्यों में रेड

NHAI Toll Plaza Scam: फर्जी सॉफ्टवेयर बनाकर 95% टोल डकारने के मामले में ईडी ने यूपी, एनसीआर, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों के 14 ठिकानों पर की छापेमारी।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Khabarwala24 Lucknow News : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के टोल प्लाजा पर समानांतर फर्जी सॉफ्टवेयर बनाकर करोड़ों रुपये के टोल टैक्स की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को देशव्यापी कार्रवाई की है। ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू, कोलकाता और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ 14 ठिकानों पर रेड मारी।

UP STF की जांच में खुला था समानांतर सॉफ्टवेयर का खेल

इस अंतरराज्यीय वित्तीय घोटाले की परतें सबसे पहले उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) की तफ्तीश में खुली थीं।एसटीएफ की शुरुआती पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि जालसाजों ने एनएचएआई के आधिकारिक सिस्टम जैसा ही एक फर्जी (नकली) सॉफ्टवेयर तैयार कर रखा था। जब भी टोल प्लाजा से गाड़ियां गुजरती थीं, तो कुल वसूली का महज 5 फीसदी हिस्सा ही एनएचएआई के सरकारी खाते में दर्ज किया जाता था। बाकी 95 फीसदी टोल का पैसा ऑफिशियल अकाउंटिंग सिस्टम को चकमा देकर सीधे आरोपियों की जेबों में जा रहा था।

डिजिटल फोरेंसिक जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद ED का शिकंजा

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई दो अलग-अलग एफआईआर का संज्ञान लेते हुए ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA, 2002) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।

ईडी ने एनएचएआई के डेटा का मिलान कराया और जब डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट सामने आई, तो नकली सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी पर्चियां और रसीदें जारी किए जाने के पक्के सबूत मिल गए। इसी ठोस आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह देशव्यापी स्ट्राइक की है।

तड़के 14 ठिकानों पर पड़ी रेड, मचा हड़कंप (NHAI Toll Scam)

बुधवार तड़के शुरू हुई इस छापामार कार्रवाई से टोल मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कई बड़े नामों की गिरफ्तारी और काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों को कुर्क (Attach) करने की पूरी संभावना है।

डिजिटल सबूतों की जब्ती: सुबह से जारी कार्रवाई का मुख्य मकसद फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए मुख्य सर्वर, डिजिटल डिवाइसेज, लैपटॉप और बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त करना है।

क्राइम की कमाई (Proceeds of Crime) का ट्रैक: जांच टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि टोल से लूटे गए करोड़ों रुपये को किन-किन शेल कंपनियों और रियल एस्टेट संपत्तियों में खपाकर वाइट मनी में बदला गया।

सिंडिकेट पर नजर: मामले में टोल प्लाजा चलाने वाली मैनेजमेंट एजेंसियों, सॉफ्टवेयर बनाने वाले कोडर्स और बिचौलियों की साठगांठ की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

Related News

Breaking News