Khabarwala 24 News New Delhi: Car Fire Reason भले ही पहले के मुकाबले कारों में आग लगने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन जब भी ऐसा कोई हादसा होता है, नुकसान बहुत बड़ा होता है। अक्सर लोग इसे महज एक ‘दुर्भाग्यपूर्ण हादसा’ मान लेते हैं, जबकि ज्यादातर मामलों में इसके पीछे कुछ बड़ी तकनीकी कमियां होती हैं। अगर समय रहते इन कारणों को पहचान लिया जाए, तो बड़े से बड़े हादसे को टाला जा सकता है। आइए जानते हैं कि कारों में आग लगने की मुख्य वजहें क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
कार में आग लगने के 7 बड़े तकनीकी कारण (Car Fire Reason)
1. शॉर्ट सर्किट और वायरिंग में खराबी आधुनिक कारों में बहुत अधिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और जटिल वायरिंग होती है। अगर किसी वजह से कोई तार कट जाए, ढीला हो जाए या उसकी इंसुलेशन (प्लास्टिक कोटिंग) खराब हो जाए, तो स्पार्किंग शुरू हो जाती है। यही स्पार्क आगे चलकर फ्यूज बॉक्स या पूरी कार में आग का कारण बनता है।
2. बाहर से लगवाई गई सस्ती एक्सेसरीज (Aftermarket Modification) लोग अक्सर कार में एक्स्ट्रा हॉर्न, एंबियंट लाइट या भारी-भरकम म्यूजिक सिस्टम बाहर से लगवाते हैं। यदि इन्हें किसी अप्रशिक्षित मैकेनिक से लगवाया जाए, तो वे असली वायरिंग के साथ छेड़छाड़ कर देते हैं। सस्ते पार्ट्स और ढीले कनेक्शन शॉर्ट सर्किट का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
3. फ्यूल या इंजन ऑयल का रिसाव (Leaking) पेट्रोल, डीजल और इंजन ऑयल बेहद ज्वलनशील होते हैं। अगर कार की फ्यूल पाइप या ऑयल लाइन में हल्का सा भी लीकेज है और वह लिक्विड गर्म इंजन या एग्जॉस्ट (साइलेंसर पाइप) पर गिरता है, तो कुछ ही सेकेंड्स में गाड़ी आग की लपटों में घिर जाती है।
4. अवैध या लोकल सीएनजी किट (CNG Kit Faults) अगर आप कार में सीएनजी किट लगवा रहे हैं, तो हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत (Authorized) सेंटर से ही लगवाएं। सस्ती या अवैध सीएनजी किट में फिटिंग की गड़बड़ी के कारण गैस लीक होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
5. इंजन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना (Overheating) जब रेडिएटर में कूलेंट कम हो जाता है या कूलिंग फैन काम करना बंद कर देता है, तो इंजन ओवरहीट होने लगता है। लगातार ओवरहीटिंग की वजह से इंजन के अंदर मौजूद ज्वलनशील लिक्विड उबलकर बाहर आ सकते हैं, जिससे आग लग सकती है।
6. केबिन के अंदर ज्वलनशील सामान छोड़ना गर्मियों के दिनों में धूप में खड़ी बंद कार के अंदर का तापमान 60-70 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसे में कार के अंदर परफ्यूम स्प्रे, सैनिटाइजर, गैस लाइटर या पेट्रोल की कैन छोड़ना बम रखने जैसा है। अत्यधिक गर्मी से ये चीजें ब्लास्ट हो सकती हैं।
7. चूहों का आतंक कई बार चूहे कार के बोनट के अंदर घुसकर जरूरी वायरिंग को कुतर देते हैं। तारों से सेफ्टी लेयर हटने के कारण जैसे ही गाड़ी स्टार्ट की जाती है, आपस में टकराकर तार शॉर्ट सर्किट कर देते हैं।
आग लगने से पहले मिलने वाले संकेत (Car Fire Reason)
आपकी कार अचानक आग पकड़ने से पहले कुछ न कुछ संकेत जरूर देती है:
- कार के केबिन में कुछ जलने या प्लास्टिक पिघलने की बदबू आना।
- बोनट से हल्का सफेद या काला धुआं निकलना।
- बार-बार कार का फ्यूज उड़ना।
क्या करें? ऐसी स्थिति महसूस होते ही तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे सुरक्षित जगह पर रोकें, इंजन बंद करें, सभी यात्रियों को बाहर निकालें और बोनट खोलने की बजाय गाड़ी से दूर हट जाएं।
सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल (Car Fire Reason)
- नियमित सर्विसिंग: अपनी कार की समय पर सर्विस करवाएं और मैकेनिक से फ्यूल लाइन व वायरिंग की जांच जरूर करवाएं।
- फायर एक्सटिंग्विशर: आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार में हमेशा एक छोटा, पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) जरूर रखें।
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