हापुड़ (khabarwala24 News)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत होने जा रहा 517 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह प्रशासन ने ऐन मौके पर निरस्त कर दिया। पंडाल में फटे व गंदे कपड़ों के इस्तेमाल और घटिया गुणवत्ता के भोजन की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया। यह कार्यक्रम नगर के रामलीला मैदान में आयोजित होना था।
निरीक्षण में खुली बड़ी लापरवाही
समाज कल्याण विभाग की ओर से करीब 75 लाख रुपये की लागत से 517 जोड़ों के विवाह का आयोजन प्रस्तावित था। कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गौतम ने जब व्यवस्थाएं देखीं तो गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
पंडाल में फटे और गंदे कपड़ों का इस्तेमाल,सजावट की निम्न स्तर की सामग्री,भोजन की बेहद खराब गुणवत्ता,साफ-सफाई और बैठने की व्यवस्था में कमी सीडीओ ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
डीएम का सख्त एक्शन, कार्यक्रम रद्द
मामले की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक पांडेय ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया।निरीक्षण में खामियां सही पाए जाने पर उन्होंने न केवल कार्यक्रम निरस्त करने के आदेश दिए, बल्कि संबंधित फर्म “मुकुल वेडिंग्स” को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, उक्त फर्म को 75 लाख रुपये का टेंडर दिया गया था और उसने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी योजना के कार्यक्रम आयोजित किए हैं। डीएम ने निदेशालय को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि इस फर्म को अन्य जिलों में भी कार्य न दिया जाए।
Hapur में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा बवाल, 517 जोड़ों का होना था विवाह, कार्यक्रम स्थगित, करीब ₹75 लाख में छोड़ा गया था टेंडर, फटा टेंट व घटिया व्यवस्था, DM Abhishek Pandey की बड़ी कार्रवाई, फर्म ब्लैकलिस्ट, 10–12 दिन बाद फिर से होगा कार्यक्रम#hapur #hapurnews pic.twitter.com/EUtnk0J5id
— khabarwala24 (@khabarwala24) February 24, 2026
गरीब परिवारों की उम्मीदों पर पानी
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चलाई जाती है, ताकि बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके। लेकिन इस स्तर की लापरवाही ने कई परिवारों की उम्मीदों को झटका दिया। प्रशासन का कहना है कि गरीब परिवारों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग की भूमिका पर भी सवाल
कार्यक्रम की तैयारियों में समाज कल्याण विभाग की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते निरीक्षण न होता तो इतने बड़े आयोजन में अव्यवस्था और शर्मनाक स्थिति पैदा हो सकती थी। प्रशासन अब विभागीय स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की तैयारी में है।
सीडीओ का बयान
सीडीओ हिमांशु गौतम ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही शासन स्तर पर भी पत्राचार किया गया है ताकि भविष्य में इस फर्म को अन्य स्थानों पर कार्य न सौंपा जाए।
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