नई दिल्ली, 17 दिसंबर (khabarwala24)। जीवन के हर चरण में महिलाओं के शरीर को कई चीजों से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें मां बनने के बाद की अवस्था और मेनोपॉज के चरण सबसे अहम माना गया हैं।
बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं का शरीर कई बदलावों और कमियों से जूझने लगता है। महिलाओं का शरीर हर कमी को संकेत देता है, जिसे अनदेखा करना पूरे शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। छोटी-छोटी परेशानियां बड़ी-बड़ी बीमारियों की वजह बन जाती हैं।
महिलाओं में पोषण की कमी कई तरह के संकेत देती है, जिसमें बाल झड़ना, चेहरे पर झाइयां आना, मासिक धर्म में दर्द या मेनोपॉज के बाद शरीर का बढ़ता वजन, थकान महसूस होना, चिड़चिड़ापन महसूस होना, हड्डियों में दर्द होना, नींद न आना और खून की कमी होना शामिल हैं। सुनने में ये सारे लक्षण साधारण लगते हैं, लेकिन ये छोटी परेशानी बड़ी बीमारियों का संकेत देती है।
आयुर्वेद में माना गया है कि इसका मूल कारण पेट की पाचन अग्नि है। पेट की पाचन अग्नि कमजोर होती है, जिससे शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है। पोषण की कमी शरीर को बेजान कर देती है। इसके अलावा, वात, पित्त और कफ के दोष का असंतुलन होने की वजह से भी शरीर पोषक तत्वों की कमी से जूझता है। महिलाओं में आमतौर पर विटामिन बी12, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, ओमेगा थ्री और फोलिक एसिड की कमी देखी जाती है।
यह विटामिन और खनिजों की कमी बहुत सारी बीमारियों को न्योता देती है। इन कमियों की पूर्ति के लिए महिलाओं को अपने आहार में परिवर्तन लाना जरूरी है। महिलाएं सुबह की शुरुआत सूखे मेवे से करें। सुबह के वक्त बादाम, अंजीर, अखरोट और किशमिश का सेवन करें। इन मेवों को रात को पानी में भिगो लें, जिसके बाद रात के समय सोते वक्त दूध के साथ हल्दी, शतावरी या अश्वगंधा का सेवन जरूर करें। ये मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों से राहत पाने में मदद करेगा।
महिलाएं हरी सब्जियों का सेवन जरूर करें। अपने आहार में गाजर, चुकंदर, तिल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करें। सर्दियों में हड्डियों में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए तिल और गुड़ का सेवन जरूर करें। इसके अलावा, पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें और चाय और कॉफी का सेवन न करें। अगर पेट से जुड़ी परेशानी परेशान कर रही है, तो त्रिफला चूर्ण का सेवन सुबह खाली पेट कर सकते हैं।
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