साधारण कमर दर्द हो सकता है स्लिप डिस्क का भी लक्ष्ण, जानें इसका उपचार

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (khabarwala24)। आज की जीवनशैली में कमर दर्द होना आम बात है क्योंकि सारा काम कुर्सी पर घंटों बैठकर किया जाता है।ऐसे में पीठ और मांसपेशियों में दर्द और जकड़न हो जाती है, लेकिन हर दर्द सामान्य कमर दर्द नहीं होता है, ये स्लिप डिस्क की शुरुआत हो सकती है। स्लिप डिस्क […]

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नई दिल्ली, 17 दिसंबर (khabarwala24)। आज की जीवनशैली में कमर दर्द होना आम बात है क्योंकि सारा काम कुर्सी पर घंटों बैठकर किया जाता है।

ऐसे में पीठ और मांसपेशियों में दर्द और जकड़न हो जाती है, लेकिन हर दर्द सामान्य कमर दर्द नहीं होता है, ये स्लिप डिस्क की शुरुआत हो सकती है। स्लिप डिस्क एक ऐसी समस्या है जिसमें न तो ठीक से बैठा जाता है और न ही ज्यादा देर तक खड़ा रह सकते हैं।

आयुर्वेद में स्लिप डिस्क को अस्थि मज्जा विकार कहा जाता है। डिस्क रीढ़ की हड्डियों के बीच में होती है। यह हड्डी की तुलना में नरम होती है, जिसका रोल रीढ़ की हड्डी को लचक प्रदान करना होता है। ये शरीर को लगने वाले झटकों से भी बचाती है। ऐसे में रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद डिस्क कई बार अपने स्थान से खिसक सकती है और ऊपरी हिस्सों की नसों पर दबाव डालती है, तो पीठ दर्द की समस्या होने लगती है। ये दर्द पीठ से शुरू होकर पैरों तक पहुंच जाता है और दर्द से परेशान इंसान कमर पकड़कर झुक कर चलने के लिए मजबूर हो जाता है।

स्लिप डिस्क होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जिसमें लंबे समय तक बैठे रहना, ज्यादा वजन उठाना, हमेशा झुककर काम करना, मोटापा होना, लगातार वाहन को एक ही पोजीशन में चलाते रहना, झटका लगना और चोट लगना शामिल है। शुरुआती स्तर पर कुछ बदलाव करके दर्द में राहत पाई जा सकती है, लेकिन दर्द ज्यादा होने पर सर्जरी और फिजियोथेरेपी की सलाह डॉक्टर देते हैं।

स्लिप डिस्क न हो या ज्यादा दर्द न बढ़े, उसके लिए कुर्सी पर बैठते समय नरम कुशन का इस्तेमाल करें और बीच-बीच में चलते-फिरते रहें, लगातार कुर्सी पर बैठने से परहेज करें। इसके अलावा, गर्म पानी से सिकाई और दर्द वाले हिस्से पर तिल के तेल से मालिश करें, जिससे रीढ़ की हड्डी के आसपास के हिस्से पर रक्त का संचार बने और दर्द में राहत मिले।

इसके अलावा, कुछ आसन करके भी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए कैट-काउ, चाइल्ड्स पोज, कोबरा पोज, ब्रिज पोज और मरकटासन जैसे आसन कर सकते हैं। ये रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करेंगे। ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह और दवा जरूर लें।

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