नई दिल्ली, 10 जनवरी (khabarwala24)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच सीमा बंद हो चुकी है, जिसका असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर हो रहा है। अफगानिस्तान ने हाल ही में कहा था कि भले ही पाकिस्तान के साथ व्यापार के रास्ते बंद हो गए, लेकिन देश में फिर भी ट्रेड नहीं रुका और न ही सामानों की आवाजाही पर इसका असर पड़ा। हालांकि, सीमा बंद होने की वजह से स्थानीय लोगों का काफी नुकसान हो रहा है। आइए जानते हैं कि पाकिस्तान जिन देशों की सीमा से जुड़ा है, उनके साथ दुश्मनी का असर कैसे उसकी अर्थव्यवस्था पर हो रहा है।
भारत और अफगानिस्तान के साथ सीमा बंद होने की वजह से पाकिस्तान के पास व्यापार के लिए सबसे अहम विकल्प समुद्री मार्ग रह जाता है। कराची, पोर्ट कासिम और ग्वादर पोर्ट पाकिस्तान के लिए व्यापार के दृष्टिकोण से जरूरी हैं। तेल, गैस, अनाज, और मशीनरी जैसे भारी आयात समुद्र के रास्ते से होते हैं।
पाकिस्तान चीन, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के साथ डायरेक्ट व्यापार करता है, लेकिन भारत के साथ इसकी सीमा बंद होने की वजह से उसे समुद्री व्यापार मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी वजह से पाकिस्तान को काफी नुकसान हो रहा है।
एक तो पाकिस्तान के लिए इसमें लागत ज्यादा है, इसके अलावा लॉजिस्टिक्स स्लो है और फिर बीमा और फ्रेट चार्ज महंगे पड़ रहे हैं। वैसे तो पाकिस्तान चीन, ईरान समेत अन्य देशों के साथ व्यापार करता है, लेकिन इसमें बड़ी समस्या प्रत्यक्ष पहुंच की है। फिलहाल, चीन और ईरान के रास्ते पाकिस्तान के लिए व्यापार की पहुंच बनाना कठिन और महंगा है।
हालांकि, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) भी पाकिस्तान के लिए एक अच्छा विकल्प है। शिनजियांग से ग्वादर तक रोड/रेल नेटवर्क चीन के साथ पाकिस्तान के व्यापार को सबसे सरल बनाएगा। चीन के साथ आयात-निर्यात काफी आसान होगा।
ईरान सीमा से पाकिस्तान का ईंधन, फल, और निर्माण सामग्री का सीमित व्यापार ताफ्तान बॉर्डर के जरिये ट्रांजिट होता है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी परेशानी ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध है। इसकी वजह से बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम में भी बाधा है। वहीं दूसरी ओर, यह बलूचिस्तान के रास्ते जाता है। अब पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच हालात कैसे हैं, यह हालिया रिपोर्ट्स में सामने आ चुका है। ऐसे में अगर भविष्य में पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान के साथ अपने संबंध बेहतर नहीं करती है, तो यहां से भी उसका व्यापारिक मार्ग बंद होने की ज्यादा उम्मीद है।
पाकिस्तान के पास जो तीसरा विकल्प हवाई व्यापार का है, वह काफी महंगा पड़ेगा। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर व्यापार के लिए यह संभव नहीं है। पाकिस्तान अपना सबसे सस्ता और कम समय लागत वाला व्यापार मार्ग खो चुका है। व्यापार के लिए पाकिस्तान की निर्भरता समुद्र और चीन पर हद से ज्यादा है।
पाकिस्तान के लिए मध्य एशिया तक सीधी पहुंच लगभग बंद है। ईरान और चीन के रास्ते इसके लिए विकल्प हैं, लेकिन इनके साथ काफी समस्याएं हैं। चीन के रास्ते मध्य एशिया तक पहुंचने के लिए लंबा रूट, पहाड़ी इलाका, ज्यादा लागत, और फिर चीन पर अधिक निर्भरता, कई देशों से होकर गुजरना, और अलग-अलग जगहों के अलग-अलग टैक्स, नियम, और करेंसी इसके लिए बड़ी परेशानी है। इसके साथ ही सुरक्षा और बीमा का खर्च भी पाकिस्तान को देखना होगा।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।















