मास्को, 21 जनवरी (khabarwala24)। वैश्विक स्तर पर बनते-बिगड़ते समीकरणों के बीच फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। क्रेमलिन ने इसकी जानकारी दी।
क्रेमलिन के अनुसार, अब्बास दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को मास्को पहुंचेंगे।
एक हफ्ते पहले ही रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने बताया था कि फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास मास्को यात्रा के दौरान अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे।
समाचार एजेंसी ने फिलिस्तीनी दूतावास के एक अधिकारी के हवाले से बताया था, “वह (अब्बास) 21 जनवरी को दो दिनों के लिए आएंगे।”
पिछले साल अक्टूबर में, मास्को में फिलिस्तीनी राजदूत अब्देल हफीज नोफल ने कहा था कि अब्बास “किसी भी समय” रूस आने के लिए तैयार हैं और उन्होंने विश्वास जताया था कि यह यात्रा जल्द ही होगी।
फिलिस्तीनी नेता आखिरी बार मई 2025 में रूस के विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ मनाने के लिए मास्को पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान रूस और फिलिस्तीन के राष्ट्रपतियों के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने पुतिन के हवाले से कहा था, “गाजा पट्टी स्पष्ट तौर पर एक मानवीय आपदा का सामना कर रही है। रूस, फिलिस्तीनी लोगों के दोस्त के तौर पर, नियमित सहायता देने की कोशिश कर रहा है।”
इस दौरान पुतिन ने अब्बास को अपना दोस्त कहकर संबोधित किया था और वेस्ट बैंक को हर संभव मदद पहुंचाने का वादा किया था।
इन दिनों चर्चा गाजा “बोर्ड ऑफ पीस” की है। जिसे डोनाल्ड ट्रंप की सलाह पर बनाया गया है। इसका न्योता दुनिया के दूसरे देशों की तरह ही रूस को भी मिला है। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की है लेकिन फिलहाल इसमें स्वीकार करने या अस्वीकार करने को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। हालांकि फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर चुके हैं और दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच पर भी खुलकर अमेरिका का विरोध जता चुके हैं।
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