नई दिल्ली, 14 फरवरी (khabarwala24)। जर्मनी के म्यूनिख में बायरिशर हॉफ होटल में 62वीं म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जो शुक्रवार से रविवार तक हो रही है। इस कार्यक्रम में 60 से ज्यादा देश और सरकार के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 50 नेता और कम से कम 115 देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।
इस मौके पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यूरोप के लिए हार्ड पावर बनाने और जरूरत पड़ने पर लड़ने के लिए तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “आज हम किसी चौराहे पर नहीं हैं, आगे का रास्ता सीधा है और यह साफ है कि हमें अपनी हार्ड पावर बनानी होगी, क्योंकि यही इस जमाने की करेंसी है।”
पीएम स्टार्मर ने कहा, “हमें हमले को रोकने में सक्षम होना चाहिए और हां, अगर जरूरत हो तो हमें लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए, अपने लोगों, अपने मूल्यों और अपने जीने के तरीके की रक्षा के लिए जो कुछ भी करना पड़े, वह करना चाहिए और यूरोप के तौर पर हमें अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए।”
म्यूनिख में संबोधन के दौरान स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन को उन क्षेत्रों को देखना चाहिए जहां वह यूरोपीय यूनियन के सिंगल मार्केट के करीब जा सके। उन्होंने कहा, “हम रक्षा औद्योगिक सहयोग में जेनरेशनल बदलाव को लीड करने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।”
ब्रिटेन के यूरोपीय ट्रेडिंग ब्लॉक छोड़ने के छह साल बाद उन्होंने कहा, “अब इसमें फिर से करीबी इकोनॉमिक अलाइनमेंट पर ध्यान देना शामिल है। गहरा इकोनॉमिक इंटीग्रेशन हम सभी के फायदे में है, इसलिए हमें यह देखना चाहिए कि हम दूसरे सेक्टर में भी सिंगल मार्केट के करीब कैसे जा सकते हैं, जहां यह दोनों पक्षों के लिए काम करेगा।”
ईयू कमीशन चीफ वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप और ब्रिटेन को सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और हमारे लोकतंत्र को बचाने के मामले में और करीब से सहयोग करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, “यूरोप और खासकर ब्रिटेन को एक-दूसरे के और करीब आना चाहिए। ब्रेग्जिट के 10 साल बाद भी हमारा भविष्य पहले की तरह ही बंधा हुआ है।”
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