नई दिल्ली, 2 मार्च (khabarwala24)। संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के विदेश मंत्रालयों ने अपनी राजधानियों में निशाना बनाकर किए गए हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए ईरानी राजदूतों को तलब किया है। साथ ही, इसे संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताते हुए हमले की निंदा की है।
अम्मान में जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के दूतावास प्रभारी को तलब किया और उनकी सरकार से हमलों को लेकर कड़ा विरोध जताया।
सोशल साइट एक्स पर जारी बयान के अनुसार विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले जॉर्डन व उसके मित्र अरब देशों के क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए थे। इन्हें जॉर्डन व अरब देशों की संप्रभुता का घोर उल्लंघन, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों की सुरक्षा व क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालने वाला अस्वीकार्य हिंसक कृत्य बताया गया।
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद अल-मजाली ने कहा, “मंत्रालय ने प्रभारी को जॉर्डन को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत रोकने, उसकी संप्रभुता व उसके क्षेत्रों की सुरक्षा का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता से अवगत कराया है। जॉर्डन अपने नागरिकों की सुरक्षा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध व आवश्यक कदम उठाएगा।”
इसी तरह, अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब किया और हमलों के विरोध में कड़ा पत्र सौंपा।
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने ईरान के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त अरब अमीरात की धरती को निशाना बनाना उसकी संप्रभुता का घोर उल्लंघन, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा और सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों, प्रस्तावों और स्थापित मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है।”
संयुक्त अरब अमीरात के राज्यमंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने कहा, “यूएई सरकार नागरिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के संबंध में दिए गए किसी भी औचित्य या बहाने को स्पष्ट रूप से खारिज करती है, जिससे निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई। यह गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई यूएई के इस रुख की अवहेलना करती है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं होने देगा।
उन्होंने इस पर जोर दिया कि ये हमले अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं और ईरान के साथ यूएई द्वारा लगातार अपनाए जा रहे तनाव कम करने के मार्ग को कमजोर करते हैं। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी, जिसका सीधा प्रभाव राजनीतिक, आर्थिक और वाणिज्यिक स्तरों पर पड़ेगा।
जॉर्डन और यूएई द्वारा समन्वित राजनयिक विरोध ईरान की सैन्य कार्रवाइयों और नागरिक सुरक्षा व क्षेत्रीय स्थिरता पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर बढ़ती क्षेत्रीय चिंता को रेखांकित करता है।
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