नई दिल्ली, 7 मार्च (khabarwala24)। ईरान के साथ चल रही लड़ाई के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनके सैनिक शुक्रवार की रात को एक विशेष अभियान पर रवाना हुए। यह अभियान 40 साल पहले लापता हुए एक सैनिक की खोज से जुड़ा हुआ है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमारे वीर योद्धा कल रात एक विशेष अभियान पर रवाना हुए, जिसका उद्देश्य लगभग 40 वर्ष पूर्व लेबनान में बंदी बनाए गए जवान रॉन अराद को ढूंढना और उन्हें घर वापस लाना है।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों से हम इस लक्ष्य को अथक रूप से प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इजरायल की सेना की तरफ से यह ऑपरेशन लेबनान में चलाया गया। दावा किया गया कि इजरायली सेना द्वारा नाबी चित कस्बे के एक कब्रिस्तान में खोदा गया। पूर्वी लेबनान में इजरायल द्वारा रात भर चलाए गए इस ऑपरेशन का उद्देश्य इजरायली वायु सेना के लापता रॉन अराद के शव को बरामद करना था।
रॉन अराद 1986 में एक मिशन के दौरान लेबनान के ऊपर से उड़ान भर रहे थे, विमान के क्रैश होने के बाद वे लापता हो गए थे। इजरायली सेना ने पूर्वी लेबनान में कब्रिस्तान में इसी सैनिक के अवशेष तलाशने के लिए खुदाई की थी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या इजरायल के सैनिक इसमें कामयाब हुए हैं।
आईडीएफ का कहना है कि यह अभियान कल नबी चित में जारी किए गए निकासी आदेश और हिजबुल्लाह के साथ चल रही लड़ाई के बीच मिली अन्य खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया।
सेना का कहना है कि वह अपने सभी शहीद और लापता सैनिकों को इजरायल वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और दिन-रात अथक प्रयास करती रहेगी।” साथ में यह भी बताया गया कि आईडीएफ द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में इजरायली सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ। साथ में यह भी दावा किया गया कि इस ऑपरेशन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं की गई।
हालांकि, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमलों में 16 लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


