मास्को, 28 फरवरी (khabarwala24)। ईरान पर जारी हमलों के बीच रूस ने एक अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-इजरायल को हमले रोक कर बातचीत की राह अपनाने की सलाह देते हुए इसे बिना उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि स्थिति को राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की राह पर वापस लाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने इन हमलों को “गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र और अधिक अस्थिर हो सकता है। अमेरिका और इजरायल का यह लापरवाही भरा हमला बिना किसी उकसावे के किया गया।
रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सिफारिश की कि वह इन घटनाओं का निष्पक्ष आकलन करे। रूस ने यह भी कहा कि वह पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय कानून, आपसी सम्मान और हितों के संतुलन के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है। मध्य पूर्व एशिया में शनिवार को अमेरिका-इजरायल के मिसाइल हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ पर और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर वीडियो संदेश जारी किया। इसमें दोनों ने ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई और दावा किया कि दुनिया को आतंक के खतरे से बचाने के लिए उन्होंने ‘प्रिवेंटिव अटैक’ किया है। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन लायन्स रोर’ का नाम दिया है, तो ईरान ने अपने अभियान को ‘एपिक फ्यूरी’ बताया है।
इस बीच, आईडीएफ ने ‘ऑपरेशन लायन्स रोर की पहली रिपोर्ट’ का फुटेज जारी किया। एक्स पोस्ट के जरिए बताया कि इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी ईरान में लॉन्चरों सहित सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हमले किए जिसमें उसे सफलता भी मिली।
ईरान से पब्लिक टेलीग्राम चैनल पर आ रहे वीडियो और तस्वीरों में भी बड़े हमले रिकॉर्ड हुए हैं। इमारतों के ऊपर धुआं, जमीन पर अफरा-तफरी, और जेट विमानों की आवाज सुनाई दे रही है। इनसे तेहरान पर भी बड़े हमले होने का इशारा मिलता है। वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी आईआरएनए का कहना है कि यूएस-इजरायल हमले में एक स्कूल की 40 छात्राओं की मौत हो गई।
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