CLOSE

ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा टाली

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

वॉशिंगटन, 17 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संघर्ष के कारण उन्होंने चीन की अपनी तय यात्रा को फिलहाल टाल दिया है, क्योंकि इस समय उन्हें वॉशिंगटन में रहना जरूरी लग रहा है।

जब ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह युद्ध इसी सप्ताह खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन यह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उनके मुताबिक, जब यह युद्ध समाप्त होगा तो दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चीन से अपनी यात्रा लगभग एक महीने के लिए टालने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं और वहां जाना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें अमेरिका में ही रहना जरूरी लग रहा है। इसलिए उन्होंने यात्रा को करीब एक महीने के लिए आगे बढ़ाने की बात कही है।

- Advertisement -

अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच तय थी, लेकिन अब नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।

ट्रंप ने कहा कि वे चीन जाने के लिए उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच संबंध भी अच्छे हैं। लेकिन मौजूदा युद्ध की स्थिति में उनका अमेरिका में रहना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई खास रणनीति या चाल नहीं है, बात सीधी है कि युद्ध चल रहा है और ऐसे समय में उनका वॉशिंगटन में मौजूद रहना जरूरी है।

ट्रंप ने ये बातें उस समय कहीं जब उन्होंने ओवल ऑफिस में घरेलू धोखाधड़ी से जुड़ा एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पत्रकारों के साथ हुई लंबी बातचीत में ज्यादातर सवाल ईरान और चल रहे सैन्य अभियान पर ही केंद्रित रहे।

- Advertisement -

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम उठाना जरूरी था, भले ही वे खुद युद्ध से बचना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह फैसला लेना पड़ा और वे खुद भी ऐसा रास्ता नहीं अपनाना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हित में की गई है। उनके अनुसार, यह काम दुनिया की सुरक्षा के लिए किया गया है।

उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा: “लेकिन हमने दुनिया के लिए काम किया, अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए। अगर कार्रवाई न की जाती तो इसके कहीं ज़्यादा गंभीर परिणाम होते। अगर मैंने वह न किया होता जो मैंने किया तो हम पर हमला हो चुका होता।”

राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास प्रभावी नौसेना नहीं है, वायुसेना नहीं है, हवाई हमलों से बचाव के हथियार नहीं हैं और नेतृत्व भी कमजोर पड़ गया है।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस स्थिति का असर शेयर बाजार पर ज्यादा पड़ेगा। लेकिन उनके अनुसार, अगर बाजार पर थोड़े समय के लिए असर पड़ता भी है तो यह बहुत बड़ी कीमत नहीं है।

उन्होंने कहा कि सच कहें तो उन्हें लगा था कि शेयर बाजार इससे कहीं ज्यादा नीचे जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, अगर कुछ नुकसान भी होता है तो यह बहुत छोटी कीमत है।

जब उनसे पूछा गया कि आगे सेना की क्या योजना हो सकती है और क्या जमीन पर सेना भेजने की जरूरत पड़ सकती है, तो ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-