कोच्चि, 6 मार्च (khabarwala24)। केरल के कोच्चि में शुक्रवार को एक ईरानी नौसैनिक जहाज ‘आईआरआईएस लवन’ डॉकिंग करने आया। भारत ने तकनीकी खराबी की रिपोर्ट मिलने के बाद आपातकालीन अनुमति दी। यह घटना उस समय हुई जब जियोपॉलिटिकल बदलाव के हालात बने हुए हैं। अभी हाल की ताजा घटना में एक ईरानी युद्धपोत के अमेरिकी टॉरपीडो से डूबने की घटना के बाद हलचल मची हुई है।
ईरानी युद्धपोत चार मार्च को कोच्चि पहुंचा, जब केंद्र सरकार ने तेहरान के अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज तकनीकी कारणों से तत्काल रुक सके।
इससे पहले जहाज को इस इलाके में काम करते समय 28 फरवरी को एक तकनीकी खराबी का पता चला था। उसने जरूरी जांच और मदद के लिए डॉक करने के लिए भारत से मदद मांगी थी। जहाज आईआरआईएस लवन इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए पहुंचा था।
केंद्र सरकार ने एक मार्च को इस अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज को कोच्चि बंदरगाह में प्रवेश करने का रास्ता मिल गया। जांच के दौरान जहाज कोच्चि में ही खड़ा है। युद्धपोत पर मौजूद 183 नाविकों के लिए शहर में भारतीय नौसेना की विशेष सुविधाओं में व्यवस्था की गई है।
नौसैनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि चालक दल के लिए आवश्यक सभी लॉजिस्टिक और मानवतावादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यह घटना इसलिए भी ध्यान आकर्षित कर रही है क्योंकि आईआरआईएस लवन कोच्चि पहुंचा, जबकि कुछ ही दिनों पहले एक अन्य ईरानी युद्धपोत, आईआरआईएस डेना, कथित तौर पर एक अमेरिकी टॉरपीडो से डूब गया था।
आईआरआईएस डेना की घटना ने कूटनीतिक और राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा स्थिति और इसके प्रभाव पर सवाल उठ रहे हैं।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के बीच एक ईरानी नौसैनिक जहाज का भारतीय बंदरगाह पर होना रणनीतिक सर्कल में भी ध्यान का केंद्र बन गया है।
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जहाज को डॉकिंग की अनुमति मानवतावादी आधार पर दी गई, क्योंकि ईरान ने तकनीकी खराबी के बाद तत्काल सहायता का अनुरोध किया था।
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