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रूसी तेल पर प्रतिबंधों में ढील को लेकर हंगामा, ट्रंप प्रशासन से डेमोक्रेट्स ने पूछे सवाल

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वाशिंगटन, 14 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका में सीनेट के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेताओं ने रूसी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से रोकने के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे मास्को को आर्थिक फायदा हो सकता है, जबकि इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए बढ़ती ऊर्जा कीमतों में खास राहत मिलने की संभावना नहीं है।

अमेरिकी सीनेटर मार्क आर. वार्नर, जो सीनेट की सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस के उपाध्यक्ष हैं, ने कहा कि यह कदम उस आर्थिक असर के बाद उठाया गया है जो प्रशासन के ईरान के साथ युद्ध से पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ ट्रंप के “चुनाव आधारित युद्ध” की कीमत अमेरिकी सैनिकों और आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। उनके मुताबिक इस संघर्ष में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं।

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वार्नर ने कहा कि प्रशासन ने इस हमले के संभावित परिणामों का सही अनुमान नहीं लगाया, जिनमें वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद होने से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों में पेट्रोल की कीमतें प्रति गैलन 60 सेंट से अधिक बढ़ गई हैं, जिससे ईंधन, हवाई यात्रा, किराने का सामान और अन्य रोजमर्रा की चीजों की लागत बढ़ गई है।

वार्नर ने यह भी कहा कि रूसी तेल पर प्रतिबंधों को रोकने का फैसला कीमतों को कम करने में बहुत कम मदद करेगा, लेकिन इससे रूस को फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इस कदम से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आर्थिक लाभ मिलेगा, जबकि वे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखे हुए हैं।

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सीनेट के अन्य वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेताओं—जीन शाहीन, एलिजाबेथ वॉरेन, और सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर—ने भी इस फैसले पर चिंता जताई। एक संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि रूस को प्रतिबंधों में राहत देना इस बात का उदाहरण है कि ईरान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के युद्ध का सबसे बड़ा लाभार्थी पुतिन बन रहे हैं।

सांसदों ने दावा किया कि इससे रूस को प्रतिदिन लगभग 150 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है, जिसका इस्तेमाल वह अपने युद्ध प्रयासों के लिए कर सकता है।

डेमोक्रेटिक नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने प्रतिबंध नीति से जुड़े कांग्रेस के नियमों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम इस बात की चिंता पैदा करता है कि क्या ट्रेजरी विभाग ने “ काउंटरिंग अमेरिकास एडर्वसरिस थ्रू सैंक्शन्स एक्ट ” (प्रतिबंधों के माध्यम से अमेरिका के विरोधियों का मुकाबला करने का अधिनियम) के तहत कांग्रेस को पहले से सूचित किए बिना प्रतिबंधों में ढील दी है।

सांसदों ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के पहले दिए गए बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दो रूसी तेल कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध इतने प्रभावी थे कि वे अन्य प्रतिबंधों की कमी की भरपाई कर रहे थे।

डेमोक्रेटिक नेताओं ने कहा कि अब उन्हीं प्रतिबंधों को ढीला करना और अन्य रूसी कंपनियों, तेल व्यापारियों तथा तथाकथित “शैडो फ्लीट” ऑपरेटरों पर लगे प्रतिबंधों में राहत देना यह दिखाता है कि इससे इन संस्थाओं को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

सांसदों ने मांग की है कि ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को इस फैसले पर स्पष्टीकरण देने के लिए कांग्रेस के सामने पेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अमेरिकी जनता इस फैसले पर तत्काल जवाब की हकदार है।

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