वॉशिंगटन, 5 मार्च (khabarwala24)। अमेरिकी सीनेट अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी युद्ध नहीं चाहते” और उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ बढ़ते सैन्य टकराव को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सीनेट में रिपब्लिकन सदस्य राष्ट्रपति के “सैन्य दुस्साहस” का समर्थन कर रहे हैं।
सीनेट के पटल पर बोलते हुए शूमर ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं से परे अमेरिकी जनता मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी युद्ध नहीं चाहते, न रिपब्लिकन मतदाता, न निर्दलीय और यहां तक कि ट्रंप के ‘मागा’ समर्थकों में से भी कई लोग।”
उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि मध्य-पूर्व में जो हो रहा है उससे उनके साथ विश्वासघात हुआ है और सीनेट के वे सदस्य भी जिम्मेदार हैं जो ट्रंप की आक्रामक नीति पर रोक लगाने से इनकार कर रहे हैं।
शूमर ने कहा कि बुधवार को सीनेट ने ट्रंप प्रशासन को रोकने का एक अवसर गंवा दिया। उन्होंने कहा, “यह अमेरिकी सीनेट के लिए निराशाजनक और निम्न स्तर का क्षण था। जब मध्य-पूर्व में युद्ध हर दिन बढ़ता जा रहा है, तब सीनेट के रिपब्लिकन ट्रंप के सैन्य कदमों के पीछे खड़े हो गए, जबकि अमेरिकी जनता इसका व्यापक रूप से विरोध कर रही है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष अपने शुरुआती दायरे से बाहर फैलता जा रहा है। शूमर ने कहा कि लड़ाई दक्षिण में हिंद महासागर तक और ड्रोन हमले उत्तर में अज़रबैजान तक पहुंचने की खबरें हैं।
डेमोक्रेट नेता ने ट्रंप प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि वह सैन्य अभियान के उद्देश्यों को लेकर लगातार बदलती बातें कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों को सुना जाए तो स्पष्ट है कि वे बिना स्पष्ट रणनीति के आगे बढ़ रहे हैं।
शूमर ने कहा कि इस संघर्ष के असर अब अमेरिका के भीतर भी दिखने लगे हैं, खासकर ईंधन की बढ़ती कीमतों के रूप में। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते पहले की तुलना में गैस की कीमतें बढ़ गई हैं और इससे अमेरिकी नागरिक चिंतित हैं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


