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अफगानिस्तान में धमाके में एक बच्चे की मौत, पिछले साल 87 लोगों की मौत

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काबुल, 8 फरवरी (khabarwala24)। पश्चिमी बदगीस प्रांत में पिछले युद्धों से बचे हुए बिना फटे बम के धमाके से एक बच्चे की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। प्रांतीय पुलिस ऑफिस ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले भी अफगानी अधिकारियों की तरफ से जानकारी सामने आई थी कि बिना फटे बम से जुड़ी घटनाओं में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।

सिन्हुआ के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब बच्चे शनिवार शाम को संग-ए-अताश इलाके में खेल रहे थे, जिसमें एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।

बता दें, अफगानिस्तान को दुनिया के सबसे ज्यादा माइन-कंटैमिनेटेड देशों में से एक माना जाता है। पिछले चार दशकों से ज्यादा की लड़ाई से बची हुई माइन और बिना फटे डिवाइस अक्सर देश के लोगों को निशाना बनाती हैं।

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4 फरवरी को अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारी (एएनडीएमए) ने कहा कि पिछले साल अफगानिस्तान में बिना फटे बम से जुड़ी 193 घटनाओं में कम से कम 87 लोग मारे गए और 333 अन्य घायल हुए।

पझवोक अफगान न्यूज के अनुसार, एएनडीएमए सूचना विभाग के प्रमुख हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमाद ने कहा कि खान विभाग (माइन क्लीयरेंस कोऑर्डिनेशन डिपार्टमेंट) और बारूदी खदान हटाने वाले संगठन ने 2025 में 58 किलोमीटर जमीन से बिना फटे बम हटाए और 24,720 माइन ढूंढकर उन्हें न्यूट्रलाइज किया।

हमाद ने बताया कि मरने वालों में 67.5 फीसदी बच्चे थे, जो अफगानिस्तान की सबसे कम उम्र और सबसे कमजोर आबादी पर बिना फटे बम के गंभीर असर को दिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि 155 बारूदी खदान हटाने वाली टीमें अफगानिस्तान में काम कर रही हैं। पिछले साल, इन टीमों ने अफगानिस्तान में 2.1 मिलियन से ज्यादा लोगों को जागरूकता की ट्रेनिंग दी।

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पझवोक अफगान न्यूज के अनुसार, इन कोशिशों के बावजूद अफगानिस्तान में लगभग 105,000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन बिना फटे बम से प्रभावित है। मंगलवार को अफगानिस्तान में यूएन सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने कहा कि लैंडमाइन और बिना फटे युद्ध के बचे हुए हिस्सों से होने वाली मौतों के मामले में अफगानिस्तान दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है।

यूएनएएमए ने कहा कि इनमें लगभग 80 फीसदी पीड़ित बच्चे हैं, जो अक्सर खेलते समय या अनजाने में बिना फटे बम को छूकर घायल हो जाते हैं या मारे जाते हैं। अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी खामा प्रेस की मानें तो यूएनएएमए ने बारूदी खदान हटाने वाले संगठनों के लिए ज्यादा वित्तीय मदद की मांग की है।

यूएनएएमए के अनुसार, धमाकों के बचे हुए हिस्सों को हटाने के लिए हर दिन क्लीयरेंस टीमें काम करती हैं, जबकि लोगों को जानलेवा चीजों के संपर्क में आने से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। यूएन मिशन ने अफगानिस्तान में लोगों को सलाह दी है कि वे संदिग्ध चीजों को न छुएं और इसके बजाय अधिकारियों को रिपोर्ट करें ताकि और मौतें न हों। दशकों से चल रहे संघर्ष की वजह से अफगानिस्तान लैंडमाइन और बिना फटे बमों से प्रभावित हो गया है। यह लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।

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