बीजिंग, 26 फरवरी (khabarwala24)। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने कार्यकाल के दौरान चीन की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर निकले हैं। फ्रांस, आयरलैंड, फिनलैंड और ब्रिटेन के नेताओं की यात्राओं के बाद वे पिछले तीन महीनों में चीन का दौरा करने वाले नवीनतम यूरोपीय नेता हैं।
इस बात पर व्यापक ध्यान दिया जा रहा है कि चीन और यूरोप अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अनिश्चितताओं से निपटने के लिए किस प्रकार सहयोग करेंगे। सीजीटीएन द्वारा जारी एक वैश्विक सर्वेक्षण के मुताबिक 83.9 प्रतिशत उत्तरदातियों का मानना है कि चीन के साथ सहयोग चाहने वाले यूरोपीय देश अंतरराष्ट्रीय स्थिति में अनिश्चितताओं से निपटने में सहायक होते हैं।
हाल के वर्षों में, चीन और जर्मनी के बीच वार्षिक व्यापार 200 अरब अमेरिकी डॉलर से ऊपर बना हुआ है, जिसमें द्विपक्षीय निवेश 65 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। ये दोनों ही यूरोपीय संघ के साथ चीन की कुल भागीदारी का लगभग एक चौथाई हिस्सा हैं। पिछले वर्ष, चीन और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 251.8 अरब यूरो तक पहुंच गया, जो वर्ष 2024 की तुलना में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। चीन जर्मनी का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया। सर्वेक्षण में, 90.2 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन का विशाल बाजार जर्मन उद्यमों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है।
विश्व की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, चीन और जर्मनी न केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग में गहराई से जुड़े हुए हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे वैश्विक शासन क्षेत्रों में भी उनके व्यापक साझा हित हैं। इस संदर्भ में, 83.6 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि एक स्थिर और स्वस्थ चीन-जर्मनी संबंध न केवल दोनों देशों के हितों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका समग्र चीन-यूरोप सहयोग पर भी अग्रणी और स्पष्ट प्रभाव पड़ता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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