CLOSE

अमेरिकी सैन्य रणनीति का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना : कोल्बी

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

वाशिंगटन, 6 मार्च (khabarwala24)। पेंटागन के एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने सांसदों को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की नई रक्षा रणनीति का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के केंद्र के रूप में इस क्षेत्र पर अपना बढ़ता ध्यान केंद्रित कर रहा है।

रक्षा नीति के अंडरसेक्रेटरी ऑफ डिफेंस एल्ब्रिज कोल्बी ने कांग्रेस के सदस्यों से कहा कि आर्थिक और रणनीतिक महत्व के कारण इंडो-पैसिफिक अब अमेरिकी सैन्य योजना का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।

कोल्बी ने प्रशासन की नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी की समीक्षा कर रहे सांसदों के सामने सुनवाई के दौरान कहा, “यह रणनीति हमारे सैन्य प्रयासों को इस बात पर केंद्रित करती है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार) में शक्ति का अनुकूल संतुलन बनाए रखा जाए।”

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का उद्देश्य बीजिंग के साथ टकराव करना नहीं है बल्कि किसी एक शक्ति को इस क्षेत्र पर प्रभुत्व स्थापित करने से रोकना है।

कोल्बी ने कहा, “हम समझते हैं कि चीन एक बहुत शक्तिशाली देश है जो असाधारण स्तर पर सैन्य विस्तार कर रहा है। साथ ही, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम चीन के साथ संघर्ष नहीं चाहते। इसके विपरीत हम इससे बचना चाहते हैं।”

अमेरिका का लक्ष्य क्षेत्र में पूर्ण प्रभुत्व हासिल करना नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन बनाए रखकर क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “हम चीन को कमजोर करने या उसके शासन व्यवस्था में बदलाव के लिए मजबूर करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। बल्कि हमारा उद्देश्य यह है कि चीन इंडो-पैसिफिक का प्रभुत्वशाली देश न बन सके।”

- Advertisement -

पेंटागन के अनुसार यह रणनीति “फर्स्ट आइलैंड चेन” के साथ संभावित आक्रामकता को रोकने पर केंद्रित है। यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक रेखा है जो जापान से लेकर ताइवान और फिलीपींस तक फैली हुई है।

कोल्बी ने कहा, “फर्स्ट आइलैंड चेन के साथ प्रभावी रक्षा व्यवस्था बनाए रखना अमेरिकी सशस्त्र बलों का मुख्य लक्ष्य है।”

उन्होंने कहा कि यह रणनीति अमेरिकी रक्षा योजना में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है, जिसमें इंडो-पैसिफिक को प्राथमिकता दी जा रही है और सहयोगी देशों को क्षेत्रीय सुरक्षा में अधिक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना भले ही दुनिया में बेजोड़ हो, लेकिन उसके संसाधन असीमित नहीं हैं। संभावित विरोधी अपनी ताकत और क्षमताएं लगातार बढ़ा रहे हैं।”

कोल्बी ने कहा कि वाशिंगटन एशिया और यूरोप के साझेदार देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने और सामूहिक सुरक्षा में अधिक योगदान देने की अपेक्षा कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम इन समृद्ध और सक्षम सहयोगी देशों से सामूहिक रक्षा में अपना योगदान देने का आग्रह कर रहे हैं।” रणनीति में जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखी जा सके और संभावित आक्रामकता को रोका जा सके।

सुनवाई के दौरान दोनों दलों के सांसदों ने यह सवाल उठाया कि अमेरिका चीन पर ध्यान केंद्रित करते हुए मध्य पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे सैन्य अभियानों को कैसे संभालेगा। कोल्बी ने प्रशासन की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि हाल के सैन्य अभियान अमेरिकी सेना की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के समर्थन से अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे श्रेष्ठ और बेजोड़ युद्ध शक्ति बनी रहेगी, जिसने हाल के महीनों में अपने कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।”

उन्होंने “मिडनाइट हैमर,” “एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व,” और “एपिक फ्यूरी” जैसे अभियानों का उल्लेख किया। इस रणनीति का उद्देश्य संभावित विरोधियों को अमेरिकी सेना की ताकत का एहसास कराना है ताकि वे संघर्ष से बचें।

कोल्बी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमारे संभावित विरोधी अमेरिका की बेजोड़ और बेहद शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं तथा हमारे सहयोगियों की सक्षम सेनाओं को देखकर यह निष्कर्ष निकालेंगे कि शांति और संयम ही उनके लिए बेहतर रास्ता है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-