Bangladesh Violence: बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा के बीच मैमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कथित ईशनिंदा के आरोप में गुस्साई भीड़ ने 30 वर्षीय दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। इस घटना की मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कड़ी निंदा की है और कहा है कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। देशभर में विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाएं जारी हैं।
हादी की मौत के बाद देश में अशांति
बांग्लादेश में इन दिनों तनावपूर्ण माहौल है। इंकलाब मंच के छात्र नेता और ढाका-8 से निर्दलीय उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादी पर चुनाव प्रचार के दौरान गोली चलाई गई थी। उनकी मौत की खबर फैलते ही ढाका, चटगांव और मैमनसिंह समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कुछ जगहों पर मीडिया दफ्तरों पर हमला किया। अंतरिम सरकार ने हादी की मौत पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और दोषियों को सजा देने का वादा किया है।
हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या
इस हिंसा के बीच मैमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर विश्व अरबी भाषा दिवस के मौके पर फैक्ट्री में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। यह बात आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। गुस्साई भीड़ ने दीपू को घेर लिया और बुरी तरह पीटा। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीटाई से उसकी मौत हो गई। इसके बाद भीड़ ने उसके शव को पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया और शव को मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम किया जाएगा। अभी तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, क्योंकि पुलिस पीड़ित के परिवार की तलाश कर रही है।
यूनुस सरकार का बयान और शांति की अपील
मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है। सरकार के बयान में कहा गया कि मैमनसिंह में हुई इस घटना की हम सख्त आलोचना करते हैं। नए बांग्लादेश में हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति नष्ट करने के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार ने वादा किया कि इस जघन्य अपराध के जिम्मेदार लोगों को सजा जरूर मिलेगी।
सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे हिंसा और नफरत को नकारें। बयान में कहा गया कि यह देश के इतिहास में लोकतांत्रिक बदलाव का महत्वपूर्ण समय है। इसे अराजकता फैलाने वालों से बचाना चाहिए। शहीद हादी का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका शांति बनाए रखना है।
यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। देश में जारी अशांति के बीच ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
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