वाशिंगटन, 10 जनवरी (khabarwala24)। अमेरिका और दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा की पक्की गारंटी मिले और ट्रंप प्रशासन का राजनीतिक समर्थन हो, तो वे दोबारा वहां काम शुरू कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में शेवरॉन, एक्सॉनमोबिल, कोनोकोफिलिप्स जैसी बड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए। इन अधिकारियों ने कहा कि कई सालों से प्रतिबंधों और खराब ढांचे के कारण वेनेजुएला का तेल उद्योग कमजोर पड़ा है, लेकिन आने वाले लंबे समय में यहां बड़ा मौका है।
शेवरॉन के उपाध्यक्ष मार्क नेल्सन ने बताया कि उनकी कंपनी पहले से ही वेनेजुएला में अच्छी मौजूदगी रखती है और तेजी से अपने ऑपरेशन का विस्तार कर सकती है। नेल्सन ने कहा, “आज शेवरॉन के वेनेजुएला में चार अलग-अलग जॉइंट वेंचर में 3,000 कर्मचारी हैं। उत्पादन लगभग 40,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 240,000 बैरल प्रतिदिन हो गया है। शेवरॉन उन जॉइंट वेंचर से हमारी लिफ्टिंग को 100 प्रतिशत तक तुरंत बढ़ा सकती है और 18 से 24 महीनों के भीतर और बढ़ोतरी संभव है।”
एक्सॉनमोबिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डैरेन वुड्स ने कहा कि वेनेजुएला के पास तेल संसाधनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन निवेश के लिए वहां के कानून और कारोबारी नियमों में सुधार जरूरी है। उनका कहना था कि मौजूदा कानूनी और व्यावसायिक ढांचा ऐसा है कि उसमें निवेश करना मुश्किल है। हालांकि, अगर बुलाया जाए तो उनकी कंपनी कुछ ही हफ्तों में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजने को तैयार है ताकि उद्योग की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा सके।
कोनोकोफिलिप्स के प्रमुख रयान लांस ने कहा कि लंबे समय तक संघर्ष के बजाय ऊर्जा निवेश का उपयोग करने का ट्रंप का तरीका आगे बढ़ने का एक नया रास्ता दिखाता है। इससे वेनेजुएला के लोगों को फिर से उम्मीद मिली है।
हॉलीबर्टन कंपनी के सीईओ जेफ मिलर ने बताया कि उनकी कंपनी ने 2019 में प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला से काम समेट लिया था, लेकिन अब वह लौटने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हॉलीबर्टन के साथ काम कर रहे 600 वेनेजुएला के कर्मचारी दोबारा अपने देश में काम करने का इंतजार कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान कंपनियों को भरोसा दिलाया कि जो भी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करेंगी, उन्हें मजबूत सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी।
कई अधिकारियों ने यह भी कहा कि लंबे समय तक राजनीतिक स्थिरता और निवेश की सुरक्षा इस बात को तय करेगी कि निवेश कितनी तेजी से और कितने बड़े स्तर पर होगा।
एक समय वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल था, लेकिन पिछले दस वर्षों में प्रतिबंधों, कुप्रबंधन और पूंजी निवेश की कमी के कारण इसके उत्पादन में भारी गिरावट आई है।
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