ओस्लो, 28 अगस्त (khabarwala24)। डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि डेनमार्क के आंतरिक मामलों और ग्रीनलैंड में किसी भी तरह का हस्तक्षेप वो बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने यह बात उन रिपोर्टों के बाद कही है जिनमें कहा गया है कि व्हाइट हाउस से जुड़े अमेरिकी नागरिक ग्रीनलैंड में गुप्त गतिविधियों में शामिल हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बुधवार को (स्थानीय समय) डेनिश प्रसारक डीआर के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े करीब तीन अमेरिकी नागरिक ग्रीनलैंड में गुप्त गतिविधियां चला रहे हैं, जिसमें निजी नेटवर्क स्थापित करना और आर्कटिक द्वीप पर अमेरिकी नियंत्रण के प्रति उनके रुख के आधार पर स्थानीय हस्तियों की सूची तैयार करना शामिल है।
फ्रेडरिक्सन ने मीडिया से कहा, ग्रीनलैंड के मामले में हमारी स्पष्ट असहमति है। डेनमार्क साम्राज्य के आंतरिक मामलों और ग्रीनलैंडिक लोकतंत्र में कोई भी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से लेती है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वाशिंगटन ने आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन नहीं किया है।
उन्होंने कहा, अमेरिकियों ने आज जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसे स्पष्ट रूप से खारिज नहीं किया है। यह निश्चित रूप से गंभीर है।
फ्रेडरिक्सन ने कहा कि उन्होंने ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड की उपस्थिति में एक बैठक में अमेरिकी सीनेटरों के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह अस्वीकार्य है, और हम यह संदेश सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने सहयोगियों को देंगे।
डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने बुधवार को अमेरिकी राजदूत को इन रिपोर्टों के संबंध में बातचीत के लिए तलब किया था।
इस साल की शुरुआत में पदभार ग्रहण करने के बाद से, ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने में रुचि व्यक्त की है और कहा है कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सैन्य या आर्थिक दबाव के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया है।
डेनमार्क की सुरक्षा और खुफिया सेवा ने मीडिया को बताया कि ग्रीनलैंड, कोपेनहेगन और ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक के बीच तनाव पैदा करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रभाव अभियानों का निशाना बनते जा रहे हैं।
ग्रीनलैंड, जो एक पूर्व डेनिश उपनिवेश था, 1953 में डेनमार्क साम्राज्य का अभिन्न अंग बन गया। 1979 में इसे स्वशासन प्रदान किया गया, जिससे इसकी स्वायत्तता का विस्तार हुआ, हालांकि डेनमार्क के पास विदेश मामलों और रक्षा पर अधिकार बरकरार है।
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Source : IANS
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