Hapur कर वृद्धि का जमकर किया विरोध, हंगामेदार रही बैठक, नहीं निकला कोई निर्णय

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Khabarwala 24 News Hapur: Hapur  गृहकर, जलकर और सीवरकर बढ़ाने की आपत्तियों के निस्तारण के लिए नगर पालिका सभागार में मंगलवार को नगर पालिका के अधिकारी और व्यापारियों व गणमान्य लोगों की बैठक हुई। हंगामेदार हुई बैठक में कोई निर्णय नहीं निकला। सभासदों ने भी टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया। प्रस्तावित टैक्स को लेकर अब मार्च माह में ही बोर्ड बैठक बुलाकर प्रस्ताव रखा जाएा।

बोर्ड बैठक में रखा जाए प्रस्ताव (Hapur)

नगर पालिका अधिकारियों ने मंगलवार को प्रस्तावित कर वृद्धि को लेकर बैठक का आयोजन किया। जिसमें संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित अग्रवाल व युवा अध्यक्ष राजीव गर्ग ने कहा कि व्यापार मंडल द्वारा लिखित में आपत्तियां दर्ज कराई गईं, लेकिन इन्हें आपत्ति रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया। पैतृक व पुरानी संपत्तियों पर सर्किल रेट के हिसाब से टैक्स लगाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। टैक्स वृद्धि करने का प्रस्ताव पहले बोर्ड बैठक में रखा जाए। अधिशासी अधिकारी को सभी अधिकारी देना सही नहीं है। व्यापारियों ने मांग की है कि सर्वसम्मति से पॉलिसी बनाकर आगामी बैठक में रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब 2013 में टैक्स की वृद्धि हो गई है तो अब किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रस्ताव को लागू नहीं होने दिया जाएगा (Hapur)

सभासद मोनू बजरंग ने कहा कि किसी भी प्रकार से कर की वृद्धि जनता पर भारी बोझ होगी। नगर पालिका ने जब वर्ष 2013 में ही स्व:कर प्रणाली लागू कर दी तो अब फिर से प्रणाली लागू करने की जरूरत नहीं है। गलत नियम से लागू की गई स्व:कर प्रणाली का बोझ लोगों पर पड़ा है। यह शहरवासियों के साथ अन्याय था। बोर्ड बैठक में भी नए आदेश और प्रस्ताव को लागू नहीं होने दिया जाएगा।

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आर-पार की लड़ी जाएगी लड़ाई (Hapur)

फेडरेशन ऑफ आॅल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि नए गजट के पेज नंबर पांच पर अधिकतम चार गुना टैक्स बढ़ाने की बात है। जबकि, पालिका ने प्रस्तावित टैक्स 10 से 11 गुना तक बढ़ाने की बात कही है। वर्ष 2024 से पहले नगर पालिकाओं के लिए कोई नियमावली अस्तित्व में ही नहीं थी। वर्ष 2019 में जो स्व:कर प्रणाली लागू की गई, वह उत्तर प्रदेश संपत्ति कर नगर निगम नियमावली के आधार पर की गई थी। जो पूर्ण रूप से गैरकानूनी है। नगर निगम की नियमावली को नगर पालिका परिषद पर लागू नहीं किया जा सकता। जब 2019 में स्व:कर प्रणाली आई है तो फिर वर्ष 2013 में नगर पालिका के अधिकारियों ने किस आधार पर इस प्रणाली को तब लागू किया था, इसका जवाब पालिका के अधिकारी नहीं दे सके। अगर अफसरों ने मनमानी की तो न्यायालय में जाने के साथ साथ आर पार की लड़ाई लडी़ जाएगी। शहरवासियों के साथ किसी भी हाल में अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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इन्होंने भी किया विरोध (Hapur)

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र पंसारी ने कहा कि यह टैक्स वृद्धि किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी यह नियम विरुद्ध है। हापुड़ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के मंत्री विकास गर्ग ने कहा कि यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में लाया जाए। इसे किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा। जब 2013 में कर वृद्धि हो गई तो अब क्यों की जा रही है। व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिलाध्यक्ष अरुण गर्ग ने कर वृद्धि का विरोध करते हुए कहा कि इसे किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा।

यह रहे मौजूद (Hapur)

इस दौरान व्यापारी नेता अरविंद शर्मा, दीपक गोयल, रविंद्र गुप्ता बैंक वाले, भाजपा नेता प्रभात अग्रवाल, दीपांश गर्ग, राजेंद्र आढ़ वाले, सोनू बंसल, विनोद अग्रवाल, सभासद नितिन पाराशर, सभासद धर्मेंद्र कुमार, सभासद अब्दुल मलिक, सभासद आदित्य सूद, सभासद फिरोज मलिक, सभासद संजीव वाल्मीकि, सभासद संगीता रानी, सभासद मुकेश कोरी सभासद रिजवान, सभासद शशांक गुप्ता,आदि उपस्थित रहे

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