Khabarwala 24 News Hapur: थाना देहात क्षेत्र के मोहल्ला तगासराय में लड़की भगाने के शक में हुए विवाद में घायल महिला की मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया। बृहस्पतिवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही महिला का शव घर पहुंचा, परिजनों और रिश्तेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। शव को घर के बाहर रखकर परिजनों ने सड़क पर बैठकर करीब ढाई घंटे तक जमकर हंगामा किया।
भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा (Hapur)
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एसडीएम ईला प्रकाश, सीओ वरुण मिश्रा समेत चार थानों की पुलिस फोर्स पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजन मामले में लापरवाही बरतने वाले दरोगा के निलंबन और मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग पर अड़े रहे।
क्या था मामला (Hapur)
मामला मंगलवार की शाम का है, जब मोहल्ला निवासी सतीश सैनी, उसकी पत्नी निर्मला और पुत्र सागर ने पड़ोस में रहने वाले रुग्गन प्रजापति और उसकी पत्नी सरोज उर्फ सत्तो के साथ लड़की भगाने के शक में गाली-गलौज और अभद्रता की। आरोप है कि सागर सैनी ने रुग्गन को घर में बंद कर दिया, जबकि उसकी पत्नी सरोज को घसीटते हुए मोहल्ले में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। गंभीर रूप से घायल सरोज को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया था।
उपचार के दौरान हुई मौत (Hapur)
बुधवार की शाम उपचार के दौरान सरोज की मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद बुधवार रात मेरठ तिराहे पर शव रखकर परिजनों ने हंगामा किया था, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

आसपास के थानों की पुलिस टीम को बुलवाया (Hapur)
बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव के मोहल्ले में पहुंचते ही दोबारा आक्रोश फैल गया। हालात बिगड़ते देख थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद नगर कोतवाल विनोद पाण्डेय, बाबूगढ़ कोतवाल मुनीष प्रताप सिंह, महिला थाना प्रभारी अरुणा राय और हाफिजपुर कोतवाल प्रवीन कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
परिजन को समझाया (Hapur)
परिजनों ने उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने और दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि एक परिजन ने पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत भी की। उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बाद एसडीएम और सीओ ने परिजनों को शांत कराया। करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
दरोगा को किया निलंबित (Hapur)
पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों ने अयोध्यापुरी चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजीत सिंह पर मामले में लापरवाही का आरोप लगाया था। आरोपों की जांच के बाद उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले में नामजद दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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