Khabarwala 24 News Hapur: यूपी के जनपद Hapur में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर नशा मुक्त भारत पखवाड़ा जोर-शोर से मनाया गया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने पुलिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा न करने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही जिले के सभी थानों में भी पुलिसकर्मियों ने यह शपथ ली। यह अभियान नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने और समाज को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नशा मुक्त भारत पखवाड़ा: उद्देश्य और महत्व (Hapur)
नशा मुक्त भारत पखवाड़ा केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। यह पखवाड़ा पूरे देश में मनाया जा रहा है। हापुड़ पुलिस ने इस अभियान को सक्रियता से अपनाया और नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। SP कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने इस मौके पर पुलिसकर्मियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया और इसे सामाजिक बुराई के रूप में खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया।
SP की अपील: नशा अपराध का मूल कारण (Hapur)
पुलिस कार्यालय में आयोजित शपथ समारोह में SP कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने कहा, “नशा न केवल व्यक्ति के उज्ज्वल भविष्य को नष्ट करता है, बल्कि उनके परिवारों को शारीरिक, मानसिक, और आर्थिक रूप से तबाह करता है। नशा अपराध का भी एक प्रमुख कारण है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज को एकजुट होना होगा। “अपराध मुक्त और नशा मुक्त समाज के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। एक-दूसरे को जागरूक करके ही हम इस अभिशाप को खत्म कर सकते हैं,” SP ने कहा।
जागरूकता अभियान (Hapur)
शपथ समारोह में SP ने पुलिसकर्मियों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान, परिवारों पर इसके प्रभाव, और सामाजिक स्तर पर अपराधों में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। जिले के सभी थानों में भी इसी तरह के शपथ समारोह आयोजित किए गए, जहां पुलिसकर्मियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सीओ पिलखुवा अनीता चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

थानों में भी दिलाई शपथ (Hapur)
जनपद के विभिन्न थानों में भी थाना प्रभारियों ने पुलिस कर्मियों को नशा न करने की शपथ दिलाई। पुलिस कर्मियों ने नशा न करने की शपथी ली। थाना प्रभारियों ने भी नशे से होने वाले नुकसान के बारे में पुलिस कर्मियों को जानकारी दी।
नशे का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव (Hapur)
नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक नुकसान का भी कारण बनता है। 2023 के एक सरकारी सर्वे के अनुसार, भारत में 15-40 आयु वर्ग के 20% से अधिक लोग किसी न किसी रूप में नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशे की लत के कारण परिवारों में आर्थिक संकट, घरेलू हिंसा, और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। हापुड़ जैसे छोटे शहरों में भी नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन की समस्या बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं।

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