Khabarwala24 Hapur News: नाम की कंपनी, फर्जी पता, कागजों में खरीद-बिक्री और असल में जीरो माल। इसी धंधे से चार लोगों ने सरकार को कुल 10 करोड़ 64 लाख रुपये का टैक्स चपत लगा दिया। राज्य कर विभाग (GST विभाग) की जांच में चारों कंपनियां कागजों पर ही निकलीं। न दुकान, न माल, न कोई कामकाज। अब पिलखुवा कोतवाली में शादाब मलिक, कपिल शर्मा, फरमान और शहजाद के खिलाफ अलग-अलग मुकदमा दर्ज हो गया है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
पहला नंबर: किंग एंटरप्राइजेज – शादाब मलिक का खेल
शादाब मलिक ने 9 सितंबर 2017 को पिलखुवा के केएमएस स्कूल रोड पर किंग एंटरप्राइजेज का GST रजिस्ट्रेशन कराया। बिजली का बिल लगाकर सबको चकमा दे दिया। जब 2020 में जांच हुई तो पता चला कि न दुकान है, न कोई सामान। सिर्फ कागजों में खेल।
2018-19 में 30.98 लाख और 2019-20 में 12.67 लाख – कुल 43.65 लाख का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उठाया।
दूसरा नंबर: इशांत स्टील – कपिल शर्मा की चालाकी
मोहल्ला मंडी रेलवे रोड के कपिल शर्मा ने 1 जुलाई 2017 को इशांत स्टील का रजिस्ट्रेशन लिया। जांच में दुकान हमेशा बंद मिली। आसपास वाले बोले – “यहां कभी कोई आता-जाता नहीं।”
कागजों में करोड़ों की खरीद-बिक्री दिखाई, लेकिन असल में कुछ नहीं। 2017-18 में ही 2.63 करोड़ का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
तीसरा नंबर: एसएफ ट्रेडर्स – फरमान का धंधा
गढ़ी मोहल्ले के फरमान ने भी 1 जुलाई 2017 को एसएफ ट्रेडर्स रजिस्टर कराई। मेरठ की एक कंपनी से कागजों में माल खरीदा दिखाया। जांच हुई तो दुकान खाली। कोई स्टॉक नहीं, कोई काम नहीं।
2018-19 में 48.82 लाख रुपये का फर्जी ITC क्लेम किया।
चौथा और सबसे बड़ा खेल: स्काई ट्रेडिंग – शहजाद का मास्टरमाइंड
केएमएस पिलखुवा के शहजाद ने 25 सितंबर 2017 को स्काई ट्रेडिंग कंपनी बनाई। जांच में दुकान पर नाममात्र का सामान मिला। पड़ोसी बोले – “बड़ा व्यापार तो दूर, कभी कोई आता भी नहीं।”
तीन साल में कुल 7.03 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा:
- 2017-18 में 64.14 लाख
- 2018-19 में 5.08 करोड़
- 2019-20 में 1.31 करोड़
कैसे चलता था पूरा खेल? (Hapur News)
ये लोग फर्जी कंपनी बनाते, GST नंबर लेते। फिर एक-दूसरे से या बाहर की बोगस फर्मों से कागजों में माल खरीद-बिक्री दिखाते। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करते और सरकार को टैक्स नहीं चुकाते। असल में न माल आता, न जाता। सिर्फ बिल घुमाते और पैसे कमाते।
GST विभाग ने खोला पूरा पोल (Hapur News)
सहायक आयुक्त जयप्रकाश ने चारों कंपनियों की जांच कराई। सबके सब फर्जी निकले। फिर पिलखुवा कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाली इंस्पेक्टर श्योपाल सिंह ने बताया – “चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। टीम बना दी है, जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे।”
लोगों का कहना है कि ऐसे फर्जीवाड़े से छोटे व्यापारियों को भी नुकसान होता है, क्योंकि ईमानदार लोग पूरा टैक्स देते हैं, जबकि ये लोग चोरी करके सस्ता माल बेचते हैं। अब देखना ये है कि पुलिस कितनी जल्दी इन ठगों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।
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