Khabarwala 24 News Hapur: बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के किठौर रोड पर स्थित ग्राम हरनाथपुर कोटा गांव में तेंदुए की दहशत दूसरे दिन भी बनी रही। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग की टीमें लगातार खेतों में कांबिंग कर रही हैं। गुरुवार को दूसरे दिन भी ड्रोन की मदद से ईख और गेहूं के खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन देर शाम तक तेंदुए का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
क्या था पूरा मामला (Hapur)
घटना की शुरुआत बुधवार सुबह हुई थी, जब ग्राम हरनाथपुर कोटा निवासी युवक विमल कुमार सुबह करीब 11 बजे अपने घर से किठौर रोड स्थित क्रेशर पर काम करने जा रहा था। रास्ते में गांव निवासी तेजपाल चौधरी के खेतों के पास झाड़ियों और ईख के खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। युवक के हाथ में फावड़ा था, जिससे उसने साहस दिखाते हुए तेंदुए पर वार किया और किसी तरह अपनी जान बचाई।फावड़े के वार से घायल तेंदुआ मौके से छलांग लगाकर पास के ईख के खेतों में घुस गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बाबूगढ़ थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के खेतों में काफी देर तक तेंदुए की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद संभावित इलाकों में जाल लगाए गए, ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके।
टीमें ट्रैंकुलाइज गन और जाल के साथ पहुंची (Hapur)
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और रेस्क्यू करने के लिए मेरठ और मथुरा से विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। ये टीमें ट्रैंकुलाइज गन और जाल के साथ खेतों में उसकी तलाश करती रहीं, ताकि तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जा सके। इसके बावजूद गुरुवार शाम तक अभियान को सफलता नहीं मिल सकी।
ड्रोन कैमरों से तलाश की (Hapur)
गुरुवार सुबह एक बार फिर वन विभाग की टीमों ने अभियान तेज कर दिया। खेतों की घेराबंदी कर ड्रोन कैमरों से ईख के खेतों, नालों और झाड़ियों की निगरानी की गई। मेरठ और मथुरा से आई विशेषज्ञ टीमों ने भी ट्रैंकुलाइज गन के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बावजूद तेंदुआ खेतों की घनी फसल और बड़े क्षेत्र में फैलाव के कारण पकड़ में नहीं आ सका।
मौके पर एकत्र हुए ग्रामीण (Hapur)
तेंदुए की तलाश के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की टीमों ने ग्रामीणों को उन इलाकों में जाने से मना किया, जहां तेंदुए की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
देर शाम तक तलाश में जुटी रही टीमें (Hapur)
गुरुवार देर शाम तक समाचार लिखे जाने तक वन विभाग और पुलिस की टीमें तेंदुए की तलाश में जुटी हुई थीं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ नहीं लिया जाता और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।


