Khabarwala 24 News Hapur: उत्तर प्रदेश के जनपद Hapur के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विगास और कनिया कल्याणपुर के जंगल में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरसों के खेत में वन विभाग द्वारा लगाए गए जाल में एक तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना पर बाबूगढ़ पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की। वहीं वन विभाग के अफसरों ने विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया।
क्या है पूरा मामला (Hapur)
बताया गया कि पिछले काफी दिनों से बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम विगास, कनिया कल्याणपुर और सिंभावली थाना क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए के देखे जाने की खबरें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों द्वारा लगातार दी जा रही सूचनाओं के आधार पर वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही थी। हालांकि पहले कई बार तलाशी अभियान चलाए गए, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल सका था।
वन विभाग की टीम को दी थी सूचना (Hapur)
कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी थी कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कनिया कल्याणपुर और विगास के जंगल में तेंदुआ घूमता हुआ देखा गया है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने जंगल क्षेत्र में जाल बिछा दिया था। रविवार को तेंदुआ उसी जाल में फंस गया।
पुलिस वन विभाग की टीम को दी सूचना (Hapur)
तेंदुए के जाल में फंसते ही खेतों की ओर काम करने गए ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव में दी, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और बाबूगढ़ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित कराया। टीम ने ग्रामीणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
विशेषज्ञों की टीम को बुलवाया (Hapur)
वन विभाग की टीम ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा रहा है। आवश्यक चिकित्सकीय जांच के बाद उसे वन क्षेत्र के सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। बताया गया कि तेंदुआं पूरी तरह सुरक्षित है । विशेषज्ञों की टीम की देखरेख को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया जाएगा। डीएफओ अर्शी मलिक ने बताया कि फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर है।
पहले भी पकड़े और दिखाई जा चुके हैं तेंदुएं (Hapur)
वहीं, तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि तेंदुआ आखिर आबादी वाले क्षेत्र के पास जंगलों में कैसे पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। गौरतलब है कि इससे पहले भी हापुड़ जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए के दिखाई देने और पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाकर वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है।
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