हापुड़ (khabarwala24 News)। हापुड़ (Hapur) में दहेज उत्पीड़न के एक मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. ब्रहमपाल सिंह ने पति निशांत, सास पुष्पा और ससुर कुंवरपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। पीड़िता लवलीन ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद दहेज की मांग पर उसकी लगातार मारपीट की गई, गालियां दी गईं और धमकियां दी गईं।
कोर्ट ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 323, 504, 506 और दहेज निषेध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। हर आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 1 से 2 साल तक की साधारण कैद और जुर्माना लगाया गया है, जो न चुकाने पर अतिरिक्त कैद होगी। कुल मिलाकर यह मामला दहेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण है।
दहेज उत्पीड़न का पूरा मामला क्या है?
यह पूरा घटनाक्रम 2012 से शुरू हुआ। हापुड़ जिले के ग्राम श्यामपुर की रहने वाली लवलीन की शादी 8 फरवरी 2012 को गाजियाबाद के कविनगर निवासी निशांत से हुई थी। सगाई के समय लवलीन के परिजनों ने दस लाख रुपये नकद, घरेलू सामान और आभूषण दिए थे। शादी के कुछ समय बाद लवलीन अपने पति के साथ बेंगलुरु चली गईं, जहां निशांत बैंक में नौकरी करते थे।
वहां पहुंचने के बाद सास पुष्पा, ससुर कुंवरपाल, नंद और पति निशांत ने दहेज कम होने का ताना मारना शुरू कर दिया। वे मारपीट करने लगे। पीड़िता को अपने मायके में फोन करने से रोका जाता था और फोन छीन लिया जाता था।
पीड़िता कैसे बची और पुलिस तक पहुंची?
लवलीन ने मौका पाकर अपने परिजनों को सारी बात बताई। 6 दिसंबर 2013 को परिजनों ने उनके लिए फ्लाइट टिकट करवा दिया। बेंगलुरु से निकलते समय आरोपियों ने धमकी दी कि अगर दस लाख रुपये नहीं आए तो उन्हें वापस नहीं आने दिया जाएगा।
लवलीन अपने मायके आ गईं। 15 फरवरी 2014 को पति निशांत उनके घर पहुंचा तो लवलीन के पिता ने दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद अगस्त 2014 में लवलीन अपने पिता के साथ ससुराल गईं और वहां पिता ने तीन लाख रुपये और दिए। लेकिन ससुराल पक्ष नहीं माना और फिर दस लाख रुपये की मांग करने लगा।
मांग पूरी न होने पर गाली-गलौज शुरू हो गई। एक बार शोर मचने पर लवलीन का भाई मौके पर पहुंचा और उसे बचाया। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस जांच और कोर्ट में आरोप पत्र
पीड़िता की शिकायत पर हापुड़ देहात थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने जांच के बाद पति निशांत, सास पुष्पा और ससुर कुंवरपाल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट का फैसला और सजाएं
अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. ब्रहमपाल सिंह ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। सभी आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
पति निशांत की सजा:
धारा 498ए (पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता): 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन अतिरिक्त कैद)
- धारा 323 (मारपीट): 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 504 (जानबूझकर अपमान): 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 506 (आपराधिक धमकी): 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4: 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
सास पुष्पा की सजा:
- धारा 498ए: 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 323: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 504: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 506: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- दहेज निषेध अधिनियम: 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
ससुर कुंवरपाल की सजा:
- धारा 498ए: 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 323: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 504: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- धारा 506: 1 साल साधारण कैद + 1000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
- दहेज निषेध अधिनियम: 2 साल साधारण कैद + 2000 रुपये जुर्माना (न चुकाने पर 7 दिन)
कोर्ट ने कुल 21 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया। पीड़िता के वकील पंडित राजेश शर्मा ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया।
यह मामला दिखाता है कि दहेज की मांग पर क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून सख्ती से काम करता है। महिलाओं को ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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