Khabarwala24 Hapur News: भोले-भाले लोगों को ऑनलाइन गेमिंग ऐप, क्रिप्टो ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में मोटा मुनाफा देने का लालच देकर ठगने वाले दो शातिर ठगों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी ठगी के पैसे को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाते थे और अपना कमीशन काटकर बाकी पैसे अपने आका को भेज देते थे। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड बरामद किए हैं। बाकी गैंग मेंबर्स की तलाश जारी है।
मुखबिर की सूचना पर रेलवे अंडरपास के नीचे दबोचा (Hapur News)
साइबर सेल थाना प्रभारी प्रबल पंकज कुमार अपनी टीम के साथ ठगी के खातों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से खबर मिली कि कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव दस्तोई के पास रेलवे अंडरपास के नीचे दो संदिग्ध लड़के घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत छापा मारा और दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में दस्तोई गांव का विक्रांत पंघाल और बुलंदशहर के गांव खंगावली का आकाश मलिक शामिल है।
टेलीग्राम ग्रुप से चलता था पूरा खेल (Hapur News)
पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे कई टेलीग्राम ग्रुपों में जुड़े हुए हैं। वहां बड़े-बड़े फ्रॉड मास्टर बैठे हैं जो नए-नए बैंक खाते मांगते रहते हैं। विक्रांत और आकाश का काम था लोगों को लालच देकर उनके खाते लेना, फिर QR कोड या UPI आईडी देकर ठगी का पैसा उन खातों में डलवाना। पैसा आते ही वे अपना कमीशन (5-10%) काटकर बाकी पैसे अगले खाते में ट्रांसफर कर देते थे। इस तरह पुलिस का पीछा करना मुश्किल हो जाता था।
पहले खुद के खाते यूज करते थे, अब दूसरों के खाते लेते हैं (Hapur News)
पुलिस ने बताया कि पहले ये लोग अपने नाम के खाते इस्तेमाल करते थे, लेकिन जैसे ही साइबर थाने में शिकायत होती, खाते फ्रीज हो जाते। अब इनका नया तरीका है – दोस्तों-रिश्तेदारों या गरीब लोगों को “हर महीने 5-10 हजार रुपये देंगे, बस खाता दे दो” कहकर उनके खाते ले लेते हैं। खाता मिलते ही सिम कार्ड, ATM और नेट बैंकिंग अपने पास रख लेते हैं। ठगी का सारा पैसा ऐसे ही खातों में आता है और फिर कैश में निकाल लिया जाता है।
आकाश मलिक का खाता था मेन रिसीविंग अकाउंट (Hapur News)
जांच में पता चला कि आकाश मलिक का एक बैंक खाता मुख्य रूप से इस्तेमाल होता था। ठगी का ज्यादातर पैसा इसी में आता था। उसका साथी शिवा चौधरी (फरार) गांव-गांव घूमकर नए खाते जुटाता था। कई दोस्तों के खाते भी इस गैंग ने इस्तेमाल किए। अब पुलिस उन सभी खाताधारकों से भी पूछताछ कर रही है।
क्या-क्या बरामद हुआ (Hapur News)
पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन, 3 आधार कार्ड, 2 वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, कई सिम कार्ड और ATM कार्ड बरामद किए। इन मोबाइल में टेलीग्राम ग्रुप्स के चैट, QR कोड और ठगी के सैकड़ों ट्रांजेक्शन मिले हैं।
बाकी गैंग पर जल्द गिरफ्तारी (Hapur News)
साइबर पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ दो छोटे प्यादे हैं, असली मास्टरमाइंड अभी बाहर हैं। उनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी को भी अपना खाता, ATM या OTP किसी को न दें। थोड़े पैसे के लालच में पूरा खाता ठगी में फंस सकता है।
ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। कोई भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और गेमिंग-ट्रेडिंग के नाम पर पैसे न डालें।
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