Khabarwala 24 News Hapur: Hapur Crime News यूपी के जनपद हापुड़ की थाना हापुड़ देहात पुलिस ने पिछले 36 साल से लापता हिस्ट्रीशीटर को आखिरकार दबोच ही लिया। आरोपी वर्ष 1988 में घर से चला गया था। जिसके बाद वह ठिकाना बदलकर बिहार, मेरठ व थाना बाबूगढ़ के गांव सरावनी में रहा। हिस्ट्रीशीटर की पहचान उसकी सगी बहन ने की है। पुलिस ने आरोपी का डोजियर भी भरवाया है।
क्या है पूरा मामला (Hapur Crime News)
थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1988 में मोहल्ला फूलगढ़ी के रमेश उर्फ जरीफ के खिलाफ हिस्ट्रीशीटर की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वह लापता हो गया। घर छोड़कर वह बिहार पहुंचा अौर एक महिला से विवाह कर लिया। महिला के साथ वह वहीं पर रहने लगा। करीब आठ वर्षों तक वह बिहार में अलग-अलग स्थानों पर रहा। करीब छह साल पहले वह लौटकर जिला मेरठ के किला परीक्षितगढ़ में पहुंचा। यहां वह ई-रिक्शा चलाने लगा। पिछले 22 वर्षों से वह थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव सरावनी में मकान बनाकर रह रहा था।
बहन से मिला था सुराग (Hapur Crime News)
उधर, पुलिस लगातार रमेश उर्फ जरीफ की तलाश में जुटी थी। आरोपी की तलाश में नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में रह रही हिस्ट्रीशीटर की बहन चंपिया तक पहुंची और उससे जानकारी की। सख्ती से पूछताछ पर उसने आरोपी के ठिकाने के बारे में पुलिस को बताया। पुलिस ने गांव सरावनी पहुंचकर हिस्ट्रीशीटर रमेश उर्फ जरीफ को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद पहचान के लिए उसकी बहन को बुलाया गया।आरोपी की बहन ने उसकी शिनाख्त कर ली।



