Khabarwala24 Hapur News: हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के चंडी मंदिर रोड पर स्थित हनुमान मंदिर में शुक्रवार को बाल विवाह होने वाला था, लेकिन न्यायपीठ बाल कल्याण समिति और एएचटीयू की टीम ने आखिरी मौके पर धावा बोलकर शादी रोक दी। दूल्हे पक्ष को खूब डांट लगाई और बारात वापस भेज दिया। किशोरी को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया।
कैसे मिली सूचना और कैसे बची बच्ची? (Hapur News)
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक त्यागी को मुखबिर से खबर मिली कि एक विधवा मां ने अपनी 16 साल की बेटी का रिश्ता देहात क्षेत्र के पन्नापुरी मोहल्ले के लड़के से तय किया था। गोद भराई हो चुकी थी और मां ने कहा था कि लड़की 18 साल की होने पर ही शादी होगी। लेकिन बिचौलियों और लड़के पक्ष को ये बात नागवार गुजरी।
गुरुवार को जब मां अस्पताल में ड्यूटी पर गई थी, तब बिचौलिए ने लड़की को घर से उठा लिया। उसे अपने घर रखा, हाथों में मेहंदी लगाई और शुक्रवार को चंडी मंदिर में हनुमान मंदिर में शादी कराने का प्लान बनाया। जैसे ही टीम को पता चला, बाल कल्याण समिति और एएचटीयू की टीम पुलिस के साथ मंदिर पहुंच गई। वहां मेहंदी लगी लड़की, दूल्हा और बाराती मौजूद थे। टीम ने लड़की को समझाया, शादी रोक दी और दूल्हे पक्ष को कड़ी फटकार लगाई। सबको चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी हिमाकत की तो जेल हो जाएगी।
लड़की पहले भी बन चुकी है शिकार (Hapur News)
सबसे दुख वाली बात ये है कि यही किशोरी 13 साल की उम्र में 2023 में लज्जापुरी के एक डॉक्टर का शिकार बन चुकी है। उस समय दुष्कर्म का मुकदमा कोतवाली में दर्ज हुआ था। पिता कई साल पहले गुजर चुके हैं। मां अकेली किसी तरह बेटी को पाल रही थी।
अब क्या होगा? (Hapur News)
लड़की को बाल कल्याण समिति की अभिरक्षा में ले लिया गया है। मां-बेटी पर पुलिस की नजर है ताकि दोबारा कोई दबाव न डाल सके। बिचौलियों और लड़के पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
अभिषेक त्यागी ने कहा – “बाल विवाह एक अपराध है। हमारी टीम हर सूचना पर तुरंत एक्शन लेती है। इस बार भी बच्ची की जिंदगी बचा ली।”
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