Khabarwala 24 News Hapur: सावन कृपाल रूहानी मिशन, मुख्यालय विजयनगर दिल्ली के निर्देशानुसार राजिंदर आश्रम अच्छेजा, हापुड़ सेंटर पर परम संत कृपाल सिंह महाराज का 132वां प्रकाश पर्व रविवार को श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। कार्यक्रम में सेंटर के सेवादारों एवं संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विशेष सत्संग का किया आयोजन (Hapur)
प्रकाश पर्व के अवसर पर विशेष सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया। सत्संग के उपरांत सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु का लंगर ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति और सेवा का वातावरण बना रहा।
दिल्ली में की रूहानी सत्संग की शुरूआत (Hapur)
परम संत कृपाल सिंह महाराज का जन्म 6 फरवरी 1894 को पंजाब के रावलपिंडी जिले के सैयद कसरा गांव (वर्तमान पाकिस्तान) में एक सिख परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम हुकम सिंह और माता का नाम गुलाब देवी था। उनके गुरु हुजूर बाबा सावन सिंह महाराज थे। कृपाल सिंह महाराज ने 1948 में मिशन की स्थापना की और 1949 में दिल्ली में रूहानी सत्संग (आत्मा का विज्ञान) की शुरुआत की।
आध्यात्मिक संदेश का किया प्रचार (Hapur)
उन्होंने 1955, 1963 और 1972 में विश्व भ्रमण कर मानव एकता और आध्यात्मिक संदेश का प्रचार किया। साथ ही 1957, 1960, 1965 और 1974 में मानव एकता सम्मेलनों का आयोजन किया। तुलनात्मक धर्म और अध्यात्म पर उनकी 12 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुईं, जिनमें “पिता पूत”, “दया के महासागर” और “जीवन का पहिया” प्रमुख हैं। 21 अगस्त 1974 को वे ज्योति ज्योत समा गए। उनका अंतिम संदेश था — “सच बोलो, कहना मानो, भजन करो।”
यह रहे मौजूद (Hapur)
इस अवसर पर अध्यक्ष जीत बहादुर अरोड़ा, उपाध्यक्ष अजय कुमार, सचिव डॉ. सोमवीर सिंह, कोषाध्यक्ष चरण सिंह सहित अन्य सदस्य और सेवादार उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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