Khabarwala 24 News Meerut: Ganga Express Way पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए परिवहन क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। नमो भारत और मेरठ मेट्रो जैसी आधुनिक परियोजनाओं के बाद अब मेरठ से प्रयागराज को सीधे जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे संचालन के बेहद करीब है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की ताज़ा जानकारी के अनुसार 594 किलोमीटर लंबे इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल साइनबोर्ड, रोड मार्किंग और अंतिम निरीक्षण जैसे फिनिशिंग कार्य जारी हैं। उम्मीद है कि मार्च–अप्रैल 2026 तक इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
594 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर (Ganga Express Way)
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा और 12 प्रमुख जिलों को जोड़ेगा। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। 100 से 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह मार्ग राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा।
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा में 11 से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
ट्रायल रन जारी, उद्घाटन की तैयारी (Ganga Express Way)
अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों पर ट्रायल रन चल रहा है। इस दौरान सड़क की गुणवत्ता, मोड़ों की स्थिति, सुरक्षा मानकों और ट्रैफिक मूवमेंट का परीक्षण किया जा रहा है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलते ही उद्घाटन की तारीख घोषित की जाएगी। प्रशासन ने उद्घाटन समारोह की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं, जिससे यह आयोजन राज्य के बड़े विकास उत्सव के रूप में सामने आए।
आर्थिक विकास को नई रफ्तार (Ganga Express Way)
गंगा एक्सप्रेसवे को केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की नई रीढ़ माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और वेयरहाउस विकसित किए जाने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ेगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और कृषि आधारित उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर के कारोबारी और निवेशक अब पूर्वी उत्तर प्रदेश तक तेज और सुगम पहुंच बना सकेंगे।
सामरिक दृष्टि से भी अहम (Ganga Express Way)
इस परियोजना की एक और बड़ी विशेषता शाहजहांपुर में बनाई गई हवाई पट्टी है। यह एयरस्ट्रिप आपातकालीन स्थिति या युद्ध के समय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए उपयोग की जा सकेगी। इससे एक्सप्रेसवे का सामरिक महत्व भी बढ़ जाता है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम बन जाता है।
हाईटेक सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं (Ganga Express Way)
गंगा एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। पूरे मार्ग पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जो तेज रफ्तार वाहनों और दुर्घटनाओं पर निगरानी रखेगा। हर 10 किलोमीटर पर आपातकालीन कॉल बॉक्स और एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक वे-साइड एमेनिटीज (WSA) विकसित की गई हैं, जहां खान-पान, विश्राम और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। लंबे सफर के दौरान यह सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगी।
ग्रीन एक्सप्रेसवे का मॉडल (Ganga Express Way)
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसे ‘ग्रीन एक्सप्रेसवे’ के रूप में विकसित किया गया है। मार्ग के दोनों ओर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और कार्बन उत्सर्जन के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।
पर्यटन और कुंभ कनेक्टिविटी को बढ़ावा (Ganga Express Way)
प्रयागराज संगम और कुंभ मेले के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ, दिल्ली और एनसीआर के श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की संभावना है। होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को भी सीधा लाभ मिलेगा।
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