KGMU Conversion Case: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े एक गंभीर मामले में धर्मांतरण और महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक (उर्फ रमीजूद्दीन नायक) को पुलिस ने जनवरी 2026 में गिरफ्तार किया है। जांच में उसके परिवार की संलिप्तता भी सामने आई है और पुलिस अब बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी है। लखनऊ पुलिस के साथ यूपी एटीएस भी सक्रिय हो गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए, जबरन गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। मामला दिसंबर 2025 में सामने आया था, जब पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया।
मामले की शुरुआत और मुख्य आरोप
दिसंबर 2025 में KGMU की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर (MD Pathology छात्रा) ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि आरोपी डॉ. रमीज मलिक ने जुलाई 2025 से रिश्ता बनाया, खुद को अविवाहित बताया और शादी का वादा किया। बाद में शारीरिक संबंध बनाए गए। जब पीड़िता ने शादी की बात की तो आरोपी ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। आरोप है कि सितंबर 2025 में गर्भावस्था होने पर आरोपी ने बिना सहमति के गर्भपात कराया। मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने दिसंबर में दवाओं की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया।
विशाखा कमेटी ने जांच की और आरोपों को सही पाया। कमेटी ने आरोपी को दोषी ठहराया और सेवा समाप्ति की सिफारिश की। KGMU प्रशासन ने आरोपी को 22 दिसंबर 2025 को सस्पेंड कर दिया और कैंपस में एंट्री बैन कर दी।
आरोपी की गिरफ्तारी और परिवार की भूमिका
आरोपी डॉ. रमीज मलिक 16 दिनों तक फरार रहा। पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जनवरी 2026 की शुरुआत में लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके से उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि उसके पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा भी शामिल थे। दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं (एक KGMU की और दूसरी आगरा मेडिकल कॉलेज की) ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए कि आरोपी और उसके माता-पिता ने जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और गर्भपात कराया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पिता ने पहले भी हिंदू महिलाओं से शादियां कीं और धर्मांतरण कराया। जांच में आगरा में MBBS के दौरान एक हिंदू महिला से निकाह का मामला सामने आया, जो पीलीभीत में हुआ था। पुलिस काजी और गवाहों की तलाश कर रही है।
फरारी के दौरान संपर्क और संदिग्ध नेटवर्क
फरारी के समय आरोपी सहारनपुर, मेरठ, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, शाहीन बाग और दिल्ली जैसे इलाकों में रहा। जांच में उसके कई डॉक्टरों से संपर्क का पता चला। पुलिस को शक है कि यह व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संगठित रूप हो सकता है। यूपी एटीएस ने लखनऊ पुलिस से पूरे नेटवर्क की रिपोर्ट मांगी है।
विदेशी यात्राओं की भी जांच हो रही है। आरोपी ने आगरा में पढ़ाई और लखनऊ में नौकरी के दौरान कई बार विदेश गए थे। इन यात्राओं के उद्देश्य और संपर्कों की पड़ताल जारी है।
KGMU में अन्य संदिग्ध और प्रशासन की भूमिका
जांच में KGMU के एक अन्य जूनियर डॉक्टर का नाम सामने आया, जो आरोपी का करीबी बताया जा रहा है। आरोप है कि हॉस्टल में तकरीरें करवाई गईं। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि ये तकरीरें धर्मांतरण से जुड़ी थीं या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, दो महिला स्टाफ और एक डॉक्टर रडार पर हैं। आरोप है कि ये लोग संस्थान में प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे थे। पीड़िताओं ने कई बार शिकायत की, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब जांच में प्रशासन की भूमिका भी देखी जा रही है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
लव जिहाद नेटवर्क और आगे की जांच
पुलिस अब इस पूरे मामले को लव जिहाद नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। मुख्य सरगना कौन है, किसने संरक्षण दिया, इन सवालों की तलाश है। मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लगता। KGMU प्रशासन अब तक चुप है और कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
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