Khabarwala 24 News Agra: Agra News साइबर अपराधियों का एक संगठित गिरोह बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। आरोपित मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर देर रात 12 से 2 बजे के बीच फोन का रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते खाली कर देते थे। इतना ही नहीं, मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को भी डिलीट कर देते थे, ताकि पीड़ित को भनक तक न लगे। दयालबाग निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से 15 लाख रुपये की ठगी इसी तरीके से की गई। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
दयालबाग के रिटायर्ड अधिकारी से 15 लाख की ठगी (Agra News)
अगस्त माह में दयालबाग निवासी और Punjab National Bank से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेंद्र प्रसाद शर्मा को कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड सत्यापन की बात कही। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया। जैसे ही फाइल ओपन की गई, मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों तक पहुंच गया।
रात करीब 12 से 2 बजे के बीच आरोपितों ने ई-वॉलेट और नेट बैंकिंग की जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। मोबाइल पर आए ओटीपी भी डिलीट कर दिए गए। घटना की जानकारी होने पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज किया गया।
बीटेक का छात्र बना साइबर ठग (Agra News)
पुलिस ने सागर (मध्य प्रदेश) निवासी बीटेक छात्र देवेश यादव और उसके साथी आशीष रजक को गिरफ्तार किया है। देवेश ने गवर्नमेंट कॉलेज से आर्किटेक्चर में डिप्लोमा किया था और एक कॉल सेंटर में कार्यरत था। आर्थिक तंगी के चलते वह साइबर ठगी के गिरोह से जुड़ गया। पूछताछ में सामने आया कि उसे ठगी की रकम पर कमीशन मिलता था।
नोडल अधिकारी साइबर क्राइम एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड गोल्डी नामक व्यक्ति है, जो सागर का बड़ा बिल्डर बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
40 डेबिट कार्ड की जानकारी और व्हाट्सएप चैट बरामद (Agra News)
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। दो लाख रुपये सागर निवासी मनीष यादव के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में पहुंचे। इसके बाद रकम देवेश के खाते में ट्रांसफर की गई।
देवेश के मोबाइल से एपीके फाइल, 30-40 डेबिट कार्ड की डिटेल और व्हाट्सएप चैट बरामद हुई है। चैट में 1 से 5 लाख रुपये तक की लिमिट वाले खातों की चर्चा मिली है।
70-80 खाते खुलवाकर करते थे लेनदेन (Agra News)
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने साइबर ठगी के लिए 70 से 80 बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों की चेकबुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड सिम उनके पास रहते थे। ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर कर आगे स्वैप मशीन के जरिये विदेश भेजी जाती थी। वहां रकम को अमेरिकी डॉलर में बदलकर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर दिया जाता था, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। पिछले छह महीनों में गिरोह ने करीब 80 से 90 लाख रुपये की ठगी की है।
जामताड़ा कनेक्शन और फर्जी ऑफिस (Agra News)
पुलिस के अनुसार, मास्टरमाइंड गोल्डी के तार Jamtara के साइबर गिरोह से जुड़े हैं। उसने एक ऑफिस बना रखा था, जहां पेशेवर युवकों को नौकरी पर रखकर एपीके फाइल तैयार करवाई जाती थी। इन फाइलों को बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल पर भेजा जाता था।
मोबाइल का एक्सेस मिलते ही अपराधी फोन को रिमोट से नियंत्रित कर लेते थे। रात में जब पीड़ित फोन चेक करता, तो स्क्रीन ब्लैंक दिखाई देती थी। इसी दौरान आरोपी खातों से रकम ट्रांसफर कर देते और ओटीपी डिलीट कर देते थे।
कैसे बचें साइबर ठगी से (Agra News)
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान नंबर से आई एपीके फाइल डाउनलोड न करें। बैंक कभी भी व्हाट्सएप या कॉल के जरिए गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। ओटीपी, कार्ड डिटेल या नेट बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की तलाश जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
1. बैंक अधिकारी बनकर कॉल (Agra News)
ठग क्रेडिट कार्ड सत्यापन, केवाईसी अपडेट या रिवॉर्ड पॉइंट का लालच देकर ओटीपी और कार्ड डिटेल मांगते हैं।
बचाव: कोई भी बैंक फोन पर ओटीपी या पिन नहीं मांगता। तुरंत कॉल काट दें और बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
2. एपीके फाइल या फर्जी ऐप डाउनलोड (Agra News)
व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए एपीके फाइल भेजकर डाउनलोड करने को कहा जाता है। इससे मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल जाता है।
बचाव: अनजान फाइल या ऐप इंस्टॉल न करें। केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
3. स्क्रीन ब्लैंक कर रिमोट कंट्रोल (Agra News)
कुछ गिरोह रात में मोबाइल का एक्सेस लेकर स्क्रीन ब्लैंक कर देते हैं और ओटीपी डिलीट कर देते हैं।
बचाव: फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स की जांच करें। अनजान ऐप तुरंत हटाएं।
4. फर्जी लिंक और लॉटरी का लालच (Agra News)
इनाम, बिजली बिल, पार्सल या आयकर रिफंड के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं।
बचाव: किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से जांचें।
5. मल्टी लेयर मनी ट्रांसफर (Agra News)
ठग रकम को कई खातों में घुमाकर बाद में क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते हैं, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
बचाव: बैंक अलर्ट मैसेज तुरंत देखें। छोटी संदिग्ध ट्रांजैक्शन को भी नजरअंदाज न करें।
साइबर ठगी से बचने के 10 जरूरी टिप्स (Agra News)
- ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- मोबाइल में ऐप परमिशन नियमित जांचें।
- सोशल मीडिया प्रोफाइल पर निजी जानकारी सीमित रखें।
- दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) ऑन रखें।
- पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग ट्रांजैक्शन न करें।
- बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करें।
- संदिग्ध कॉल की रिकॉर्डिंग या स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत करें।
- https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें।
- परिवार के बुजुर्गों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक करें।
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