Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News हापुड़ से दिल्ली जा रही यूपी रोडवेज बस में खराबी के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना में न केवल यात्रियों को देर हुई बल्कि उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। अब इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवहन विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित को कुल 10,280 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला (Hapur News)
काजीवाड़ा निवासी शफीरउद्दीन ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी 2024 की शाम वह अपने परिवार के साथ एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए हापुड़ से दिल्ली जा रहे थे। इसके लिए उन्होंने यूपी रोडवेज की बस संख्या यूपी77एन 2693 में चार टिकट खरीदे, जिनकी कुल कीमत 280 रुपये थी।
सड़क पर बंद हो गई बस (Hapur News)
शिकायत के अनुसार, बस जैसे ही डासना से आगे बढ़ी, उसमें तकनीकी खराबी के संकेत मिलने लगे। बस की गति धीमी हो गई और वह झटकों के साथ चलने लगी। इसके बावजूद चालक और परिचालक ने बस को चलाना जारी रखा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब गाजियाबाद के हापुड़ चुंगी से करीब 3 किलोमीटर आगे बस अचानक बीच सड़क में बंद हो गई।
दूसरी बस नहीं मिली (Hapur News)
यात्रियों द्वारा पूछने पर चालक और परिचालक ने आश्वासन दिया कि हापुड़ डिपो से दूसरी बस भेजी जाएगी, लेकिन रात 8 बजे तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इतना ही नहीं, यात्रियों को टिकट का पूरा पैसा भी वापस नहीं किया गया। परिचालक ने मात्र 8 रुपये प्रति टिकट लौटाने की बात कही, जिसे यात्रियों ने अस्वीकार कर दिया।
आयोग का दरवाजा खटखटाया (Hapur News)
आखिरकार, शफीरउद्दीन और उनके परिवार को अपने खर्च पर ऑनलाइन कैब बुक करनी पड़ी, जिससे वे करीब 3 घंटे की देरी से अपने गंतव्य पर पहुंचे। तब तक समारोह समाप्त हो चुका था।पीड़ित ने इस लापरवाही के खिलाफ नोटिस भी भेजा, लेकिन परिवहन विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने की सुनवाई (Hapur News)
मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह, सदस्य संतोष रावत और राजीव कुमार की पीठ ने की। आयोग ने स्पष्ट किया कि बस खराब होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित और समय पर गंतव्य तक पहुंचाना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। इस कर्तव्य का पालन न करना सेवा में कमी माना जाएगा।
आयोग ने सुनाया निर्णय (Hapur News)
आयोग ने आदेश दिया कि परिवहन विभाग 45 दिनों के भीतर पीड़ित को टिकट की राशि 280 रुपये, मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए 5,000 रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करे।
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