Sanchar Saathi App: भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि भारत में बिकने वाले हर नए स्मार्टफोन में ‘संचार साथी ऐप’ पहले से इंस्टॉल हो। कंपनियों को इसके लिए 90 दिन का समय दिया गया है, यानी मार्च 2026 से ये अनिवार्य हो जाएगा।
पुराने फोनों में भी सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए ये ऐप डालना होगा। सरकार का कहना है कि इससे फोन चोरी, फर्जी सिम और ऑनलाइन ठगी रुकेगी। लेकिन विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इसे ‘नागरिकों पर नजर रखने का टूल’ बता रहा है। असल में ये ऐप कितना कमाल का है, 10 पॉइंट्स में समझिए।
1. Sanchar Saathi App की शुरुआत: 2023 से वेब पोर्टल, 2025 में मोबाइल वर्जन
संचार साथी की शुरुआत 2023 में एक वेब पोर्टल के रूप में हुई थी। लोगों को इसका शानदार रिस्पॉन्स मिला। फिर 17 जनवरी 2025 को DoT ने इसका मोबाइल ऐप लॉन्च कर दिया। एंड्रॉयड और iOS दोनों पर फ्री उपलब्ध है। लॉन्च होते ही ये हिट हो गया – कुछ ही महीनों में 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। अगस्त 2025 तक 50 लाख यूजर्स इसे इस्तेमाल कर चुके थे।
2. लॉगिन से IMEI चेक: फोन की असलियत तुरंत पता
ऐप ओपन करते ही मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करना पड़ता है। ये आपके फोन के IMEI नंबर को DoT की CEIR सिस्टम से मैच करता है। CEIR एक केंद्रीय डेटाबेस है, जहां देश के हर फोन का IMEI रजिस्टर है। इससे पता चल जाता है कि आपका फोन चोरी का तो नहीं, या ब्लैकलिस्टेड तो नहीं।
3. CEIR से कनेक्ट: हर गड़बड़ी पर अलर्ट
CEIR सर्वर से सीधा कनेक्ट होने की वजह से फोन से जुड़ी कोई भी समस्या तुरंत कैच हो जाती है। चाहे फर्जी IMEI हो या चोरी का फोन – सब ट्रैक हो जाता है। ये सिस्टम पूरे देश के 100 करोड़ से ज्यादा फोनों को कवर करता है।
4. फोन चोरी हो जाए तो? तुरंत ब्लॉक करवाएं
अगर आपका फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए, तो संचार साथी ऐप से बस कुछ क्लिक में उसे बंद करवा सकते हैं। IMEI ब्लॉक हो जाता है, फोन बेकार हो जाता है। इससे आपका डेटा, बैंक अकाउंट और पैसे सब सेफ रहते हैं।
5. फ्रॉड कॉल्स की शिकायत: ठगों को भगाओ
कई बार अजनबी नंबरों से कॉल आती हैं – बैंक वाला, कूरियर बॉय बनकर पैसे मांगते हैं। ऐसे फ्रॉड नंबर्स की शिकायत ऐप पर तुरंत कर सकते हैं। DoT की टीम एक्टिव हो जाती है और नंबर ब्लॉक कर देती है।
6. सेकेंड हैंड फोन खरीदने से पहले चेक
सेकेंड हैंड फोन लेने वाले सावधान! IMEI नंबर ऐप में डालें, ये तुरंत बता देगा कि फोन वैलिड है, चोरी का है या ब्लैकलिस्टेड। इससे गलत फोन खरीदने का रिस्क जीरो हो जाता है।
7. फर्जी सिम बंद: 3 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन कटे
कई बार कोई आपकी आईडी पर सिम निकाल लेता है, पता भी नहीं चलता। संचार साथी से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी सिम कनेक्शन बंद हो चुके हैं। ये आपकी पहचान की सुरक्षा करता है।
8. चोरी फोन वापसी: 7 लाख डिवाइस रिकवर
ऐप की वजह से 7 लाख से ज्यादा चोरी या खोए फोन वापस मिल चुके हैं। साथ ही 37 लाख फोन ब्लॉक हो चुके हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि ऐप कितना असरदार है।
9. अनिवार्य क्यों? न डिलीट, न डिसेबल
सरकार का प्लान है कि हर फोन में ये ऐप प्री-इंस्टॉल रहे। यूजर इसे डिसेबल या डिलीट नहीं कर पाएंगे। नए फोनों के पहले सेटअप पर ही ऐप एक्टिव हो जाएगा। कंपनियां 90 दिन में ये सुनिश्चित करेंगी, 120 दिन बाद रिपोर्ट देंगी।
10. पुराने फोन में अपडेट से इंस्टॉल
पुराने स्मार्टफोन में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए ऐप डालना होगा। फीचर फोनों के लिए IMEI CEIR से लिंक होगा, लेकिन ऐप नहीं चलेगा। Apple जैसी कंपनियां सरकार से बातचीत कर रही हैं।
विपक्ष का कहना है कि ये प्राइवेसी का उल्लंघन है, लेकिन सरकार साइबर क्राइम रोकने का हवाला दे रही है। कुल मिलाकर, संचार साथी ऐप फोन यूजर्स के लिए वरदान है। डाउनलोड करके खुद ट्राई करें!
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