Hanuman Ji ke 108 Naam: हनुमान चालीसा के साथ बजरंगबली के 108 नामों का पाठ करना अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उचित शुभ मुहूर्त तथा विधि-विधान के साथ इन नामों का जप करने से जीवन की सबसे बड़ी बाधाएँ भी क्रमशः दूर होने लगती हैं। नियमित पाठ से भूत-प्रेत बाधा से सुरक्षा प्राप्त होती है तथा समस्त कार्यों में सफलता की प्राप्ति होती है।
मंगलवार तथा शनिवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित होता है। इन दिनों बजरंगबली के 108 नामों का जप करने हेतु ब्रह्म मुहूर्त को सर्वोत्तम समय माना गया है। इसके अतिरिक्त, सायंकाल में मंदिर में दीप प्रज्वलित कर नामों का उच्चारण करना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
हनुमान जयंती, अमावस्या तथा पूर्णिमा के दिन इन नामों का जप विशेष रूप से प्रभावशाली एवं अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। नीचे श्री हनुमान जी के 108 नाम और मंत्र हैं, जो प्रचलित एवं प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित हैं। प्रत्येक नाम के साथ “ॐ … नमः” का उच्चारण कर जप किया जा सकता है।
हनुमान जी के 108 नाम और मंत्र
- आंजनेय- ॐ आन्ज्नेयाय नमः
- महावीर- ॐ महावीराय नमः
- हनुमान- ॐ हनुमते नमः
- रामदूत- ॐ रामदूताय नमः
- मारुतात्मज- ॐ मारुतात्मजाय नमः
- संजीवान्न्गाहर्ता- ॐ संजीवान्न्गाहर्ता नमः
- लक्ष्मणप्राणदाता- ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
- सीतान्वेष्णपण्डित- ॐ सीतावेषणपण्डिताय नमः
- सीताशोकनिवारक- ॐ सीताशोक्निवाराकाय नमः
- रामभक्त- ॐ रामभक्ताय नमः
- दश्ग्रीव्कुलान्तक- ॐ दश्ग्रीव्कुलान्तकाय नमः
- वज्र्काय-ॐ वज्रकायाय नमः
- महातपस- ॐ महाताप्स्वेयाय नमः
- पञ्चवक्त्र- ॐ पंचवक्त्राय नमः
- चिरंजीवी- ॐ चिरंजीविने नमः
- बल्सिद्धिकार- ॐ बल्सिद्धिकराय नमः
- शूर- ॐ शूराय नमः
- प्रभु- ॐ प्रभवे नमः
- सर्वरोगहर- ॐ सर्वरोगहराय नमः
- सर्वबन्धाविमोक्ता- ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः
- सर्व्गहविनाशी- ॐ सर्व्गहविनाशिने नमः
- रामचुडामणिप्रद- ॐ रामचुडामणिप्रदायकाय नमः
- सुग्रीवसचिव- ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः
- विभीषणप्रियकर- ॐ विभीषणप्रियकराय नमः
- अक्षहन्ता- ॐ अक्षहंत्रे नमः
- लंकपुरविदाहक- ॐ लंकपुरविदाहकाय नमः
- कालनेमीप्रमथन- ॐ कालनेमीप्रमथन नमः
- भीमसेनसहायकृत- ॐ भीमसेनसहायकृते नमः
- वानर- ॐ वानराय नमः
- केसरीसूत- ॐ केसरीसुताय नमः
- तत्त्वज्ञानप्रद- ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः
- अशोकवानिकाछेत्ता- ॐ अशोकवानिकाछेत्रे नमः
- सर्व्मायाविभिणजन-ॐ सर्व्मायाविभिणजनाय नमः
- परर्शौर्यविनाशन- ॐ परर्शौर्यविनाश्नाय नमः
- परमन्त्रनिराकर्ता- ॐ परमन्त्रनिराक्रतें नमः
- परयंत्रप्रभेदक- ॐ परयंत्रप्रभेदकाय नमः
- कपीश्वर- ॐ कपीश्वराय नमः
- परविद्यापरिहार- ॐ पर्वविद्यापरिहाराय नमः
- मनोजव- ॐ मनोजवाय नमः
- गंधमादनशेलसथय- ॐ गंध्मादनशेलस्थाय नमः
- भविष्यचतुरानन- ॐ भाविश्यचतुराननाय नमः
- कुमारब्रह्मचारी- ॐ कुमारब्रह्मचारीणे नमः
- रत्नकुण्डलदीप्तिमान- ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः
- संचल द्वाल सन्नद्ध लांब मान शिखोज्ज्व्ल- ॐ चंचल द्वाल सन्नद्ध लांब मन शिक्खोज्ज्वाल्य नमः
- गन्धर्व-विद्यातत्वग्य- ॐ गन्धर्व-विद्यातत्वग्याय नमः
- महाबलपराक्रम- ॐ महाबलपराक्रमाय नमः
- काराग्रहविमोक्ता- ॐ कराग्र्ह्विमोक्ता नमः
- श्रंखलाबन्धमोचक- ॐ श्रंखलाबंध्नोच्काय नमः
- सागरोत्तारक ॐ सागरोत्तारकाय नमः
- महात्मा- ॐ महात्माय नमः
- प्राज्ञ- ॐ प्राज्ञाय नमः
- प्रतापवान- ॐ प्रतापवते नमः
- महाकाय- ॐ महाकायाय नमः
- परिजातद्रुमूलस्थ-ॐ परिजातद्रुमूलस्थाय नमः
- कपिसेनानायक- ॐ कपिसेनानायकाय नमः
- सर्वविद्या-सम्पत्प्रदायक- ॐ सर्वविद्यात्प्रदायकाय नमः
- सर्वमंत्रस्वरूपवान- ॐ सर्वमंत्र-स्वरूपवते नमः
- सर्वतंत्रस्वरूपी- ॐ सर्वतंत्रस्वरूपिणे नमः
- सर्वयंत्रात्मक- ॐ सर्व यंत्रात्म्काय नमः
- राम्सुग्रीव्संधाता- ॐ राम्सुग्रीव्संधात्रे नमः
- अहिरावणमर्दन- ॐ अहिरावणमर्दनाय नमः
- स्फटिकाभ- ॐ स्फटिकाभाय नमः
- वागधीश- ॐ वागधीशाय
- वागीश- ॐ वागीश नमः
- नव्याकृतिपण्डित- ॐ नव्याकृतिपण्डिताय नमः
- चतुर्बाहू- ॐ चतुर्बाहू नमः
- दीनबंधु- ॐ दीनबन्धवे नमः
- भक्तवत्सल- ॐ भक्तवत्सलाय नमः
- शुची- ॐ शुचये नमः
- वाग्मी- ॐ वाग्मिने नमः
- द्रढ़व्रत- ॐ द्रढ़व्रताय नमः
- हरिमर्कटमर्कट- ॐ हरिमर्कटमरकटाय नमः
- दान्त- ॐ दानताय नमः
- प्रसन्नात्मा- ॐ प्रसन्नात्मने नमः
- शांत- ॐ शान्ताय नमः
- शत्कंठम्दाप्र्ह्त- ॐ शत्कंठम्दाप्र्ह्ते नमः
- योगी- ॐ योगिने नमः
- रामकथालोल- ॐ रामकथालोलाय नमः
- वज्रदंष्ट्र- ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः
- वज्रनख- ॐ वज्रनखाय नमः
- रुद्रवीर्यसमुद्रव- ॐ रुद्रवीर्यसमुद्रव नमः
- इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारक- इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारकाय नमः
- पार्थ-ध्वजाग्रसंवासी ॐ पार्थ-ध्वजाग्रसंवासिने नमः
- शर्पणजरभेदक- ॐ शर्पणजरभेदकाय नमः
- दश्बाहु- ॐ दशबाहवे नमः
- लोकपूज्य- ॐ लोकपूज्याय नमः
- जाम्बवतप्रीतिवर्धन- ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धन नमः
- सिंघिकाप्राणभणजन- ॐ सिन्घिकप्राणभंजन नमः
- लंकिनिभंजन- ॐ लंकिनिभंजनाय नमः
- कामरुपी- ॐ कामरूपिने नमः
- पिन्गलाक्ष- ॐ पिन्ग्लाक्ष्याय नमः
- वर्धिमानाक्पुजित- ॐ वर्धिमानाक्पुजिताय नमः
- कवलिकृत मार्तन्डामंडल- ॐ कवलिकृत मार्तंडामंडलाय नमः
- महाकाय- ॐ महाकाय नमः
- तेजस्वी- ॐ महाद्युताये नमः
- सिन्घनाद्स्वनप्रदाय- ॐ सिन्घ्नादास्वन्प्रदाय नमः
- सुरार्चित- ॐ सुरार्चिताय नमः
- दैत्यकुलान्तक- ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः
- दैत्याकार्यविद्यात्क- दैत्याकार्यविद्यात्काय नमः
- श्रीमान- ॐ श्रीमते नमः
- राम्कथाप्रिय- ॐ राम्कथ्प्रियाय नमः
- श्रीरामभक्तिरसिक- ॐ श्रीरामभक्तिरसिक नमः
- योगनिष्ठ- ॐ योगनिष्ठाय नमः
- बुद्धिमान- ॐ बुधिमानाय नमः
- वीरहनुमान- ॐ वीरहनुमते नमः
- रामसखा- ॐ राम्सखाय नमः
- भक्तवत्सल- ॐ भक्तवत्सलाय नमः
- श्री हनुमते- ॐ हनु हनुमतये नमः
ये नाम नियमित जाप से हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने में सहायक होते हैं। जाप के समय शुद्ध मन, एकाग्रता तथा श्रद्धा बनाए रखें। मंगलवार अथवा शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में आरंभ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। जय श्री राम, जय बजरंगबली।
श्री हनुमान चालीसा सम्पूर्ण पाठ | Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi | Shree Hanuman Chalisa
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