नई दिल्ली, 2 फरवरी (khabarwala24)। केंद्रीय बजट में पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), सेवा क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा मिलने से वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई को सपोर्ट मिलेगा।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सरकार का फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय घाटा कम करने की प्रक्रिया) उम्मीद से थोड़ा धीमा रहने के बावजूद ग्रोथ को मदद मिलेगी। इसके अलावा, शेयर बायबैक के जरिए इक्विटी में बढ़ती मांग भी कमाई को सहारा देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने की कोशिश के साथ-साथ ग्रोथ को सपोर्ट करने का संतुलन बनाया गया है। इसके लिए चक्रीय (साइक्लिकल) और संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) दोनों तरह के कदम उठाए गए हैं।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वह भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक है। वैश्विक ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके हैं।
बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कर्ज जीडीपी के मुकाबले 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, बजट तीन मुख्य क्षेत्रों के जरिए ग्रोथ को सपोर्ट करता है। पहला, मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार जोर, जिसमें सेमीकंडक्टर (आईएसएम 2.0), रेयर अर्थ मैग्नेट और पुराने औद्योगिक क्लस्टर को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स में छूट, सेफ हार्बर लिमिट बढ़ाना और 2047 तक वैश्विक निर्यात में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य शामिल है। इसके साथ ही कैपेक्स पर फिर से जोर दिया गया है, जहां कुल कैपेक्स साल-दर-साल 11.5 प्रतिशत बढ़ा है और रक्षा क्षेत्र का कैपेक्स 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, बजट में राजकोषीय घाटा कम करने की दिशा जारी रखी गई है, हालांकि महामारी के बाद यह सबसे धीमी रफ्तार मानी जा रही है।
मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि बजट कैपेक्स पर जोर देकर आर्थिक रिकवरी को सपोर्ट करेगा। वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कैपेक्स जीडीपी का 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान के बराबर है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने वाले कदम भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ को बढ़ाएंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट के आंकड़े वास्तविक लगते हैं। वित्त वर्ष 2027 के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत और डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ 11.4 प्रतिशत मानी गई है।
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