मुंबई, 22 जनवरी (khabarwala24)। यूरोप पर टैरिफ लगाने की आशंका कम होने के बीच गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे हाल ही में बने रिकॉर्ड हाई से दोनों कीमती धातुएं नीचे आ गईं।
ग्रीनलैंड से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत मिलने से निवेशकों की सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग घटी है। इसके अलावा डॉलर में मजबूती भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव डालती नजर आई।
लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को सोने की कीमत में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि चांदी भी अपने ऑल-टाइम हाई से फिसल गई।
बुधवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी वायदा 1,58,475 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था, वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,35,521 रुपए प्रति किलोग्राम के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी।
खबर लिखे जाने तक (दोपहर 12 बजे के करीब) मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,022 रुपए या 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,51,840 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 1,992 रुपए या 0.63 प्रतिशत टूटकर 3,16,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम नीचे आए। अमेरिकी बाजार में सोना 4,790 से 4,800 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे पहले इसी हफ्ते सोना 4,887 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट स्वाभाविक मुनाफावसूली का नतीजा है, हालांकि लंबी अवधि में सोने की तेजी अभी भी बनी हुई है।
फ्यूचर बाजार के आंकड़ों से पता चला है कि खुले सौदों की संख्या में कमी आई है। इसका मतलब है कि कुछ निवेशक अपनी पुरानी खरीदारी से बाहर निकल रहे हैं और नई खरीद अभी ज्यादा नहीं हो रही है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी मजबूत बनी हुई है और 92 से 93 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रही है। हाल ही में चांदी ने 95.80 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग के कारण चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। इसके अलावा सुरक्षित निवेश के रूप में भी इसकी मांग बनी हुई है।
अमेरिकी डॉलर स्थिर नजर आया, क्योंकि ट्रंप ने साफ किया कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर यूरोपीय देशों पर टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। इससे डॉलर इंडेक्स बढ़कर 98.81 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए सोना थोड़ा महंगा हो गया।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नाटो प्रमुख के साथ इस मुद्दे पर भविष्य की रूपरेखा तय की गई है।
निवेशकों की नजर अब अमेरिका के महंगाई से जुड़े आंकड़ों और बेरोजगारी के आंकड़ों पर टिकी है, जो आगे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
ज्यादातर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जनवरी के अंत में होने वाली बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि साल के अंत तक दो बार ब्याज दरें घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


