CLOSE AD

इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर मौजूद सभी एटीसी टावर्स की हो वीडियो रिकॉर्डिंग, हवाई हादसों को रोकने के लिए एएआईबी ने दिया सुझाव

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

नई दिल्ली, 10 जनवरी (khabarwala24)। हवाई हादसों की जांच करने वाली संस्था एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने सुझाव दिया है कि देश में टरनेशनल एयरपोर्ट्स पर मौजूद सभी एटीसी टावर्स के अंदर की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए, जिससे कोई हादसा होने पर जांचकर्ता एयर ट्रैरिफ कंट्रोलर्स (एटीसी) की गतिविधियों की जांच कर पाएं।

यह कदम पिछले साल नवंबर में दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई एक रनवे घटना की एएआईबी की जांच के बाद उठाया गया है, जब एरियाना अफगान एयरलाइंस द्वारा संचालित एक विमान राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अनाधिकृत रनवे पर उतर गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय के अधीन आने वाले विमानन दुर्घटना नियामक ने कहा कि इस कदम से सुरक्षा निगरानी और दुर्घटना के बाद की जांच में काफी मजबूती आएगी।

- Advertisement -

इसमें यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्थित एटीसी टावरों में ऐसे सिस्टम होने चाहिए जो वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ कंट्रोल रूम के अंदर होने वाले बैकग्राउंड कम्युनिकेशन को भी रिकॉर्ड कर सकें।

एएआईबी के अनुसार, यह डेटा असामान्य या उच्च जोखिम वाली स्थितियों के दौरान नियंत्रक के निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझने और घटनाओं का पुनर्निर्माण करने में महत्वपूर्ण होगा।

ऐसे रिकॉर्डिंग को एएआईबी और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) दोनों द्वारा जांच के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

- Advertisement -

एएआईबी ने रिपोर्ट में कहा, “किसी भी घटना या दुर्घटना के बाद नियंत्रक की कार्रवाई का विश्लेषण करने की सुरक्षा संबंधी सिफारिश की जाती है और देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की आवश्यकता है।

एएआईबी ने कहा कि उसने नवंबर की घटना में शामिल फ्लाइट क्रू और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के शुरुआती बयान पहले ही रिकॉर्ड कर लिए हैं।

इसके अलावा, आगे की टेक्निकल एनालिसिस के लिए अप्रोच रडार रिकॉर्डिंग, साथ ही एटीसी कम्युनिकेशन ट्रांसक्रिप्ट भी हासिल कर लिए गए हैं। रनवे से भटकने की घटना की जांच जारी है।

हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन यह सिफारिश एविएशन सेफ्टी और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी टूल्स के इस्तेमाल पर बढ़ते रेगुलेटरी फोकस को दिखाती है।

इसके अलावा, जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है ताकि घटना के समय आसपास ऑपरेट हो रही दूसरी आने-जाने वाली फ्लाइट्स से जुड़े क्रू के बयानों को भी शामिल किया जा सके।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-