Who is Aviva Baig: कांग्रेस की प्रमुख नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा (रायहान वाड्रा) ने अपनी लंबे समय की गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से सगाई कर ली है। सूत्रों के अनुसार, यह सगाई निजी समारोह में हुई और दोनों परिवारों की पूरी सहमति से यह रिश्ता आगे बढ़ा है। रेहान और अवीवा पिछले सात साल से रिलेशनशिप में हैं। परिवार रणथंभौर नेशनल पार्क के पास पहुंच चुका है, जहां नए साल के जश्न के साथ सगाई से जुड़े कार्यक्रम भी हो सकते हैं। यह आयोजन पूरी तरह निजी रखा गया है।
गांधी-वाड्रा परिवार रणथंभौर में
सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा सहित परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली से सड़क मार्ग से राजस्थान के सवाई माधोपुर पहुंचे हैं। परिवार रणथंभौर नेशनल पार्क के पास स्थित लग्जरी होटल शेर बाग में ठहरा हुआ है। यहां नए साल 2026 का जश्न मनाने के साथ-साथ रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सगाई का मुख्य समारोह दो-तीन दिन का निजी आयोजन होगा, जो जनवरी 2026 की शुरुआत में हो सकता है।
रेहान और अवीवा का रिश्ता: सात साल पुराना प्यार
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय रेहान वाड्रा ने हाल ही में अवीवा बेग को शादी का प्रस्ताव दिया, जिसे अवीवा ने स्वीकार कर लिया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को हरी झंडी दे दी है। रेहान और अवीवा की मुलाकात दिल्ली में ही हुई थी और दोनों की फोटोग्राफी में समान रुचि ने उन्हें करीब लाया। यह रिश्ता सात साल पुराना है और अब यह औपचारिक रूप ले चुका है।
कौन हैं रेहान वाड्रा?
रेहान वाड्रा (पूर्ण नाम: रायहान राजीव वाड्रा) प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बड़े बेटे हैं। उनकी उम्र 25 साल है। वे विजुअल आर्टिस्ट और इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट हैं। रेहान ने ‘डार्क परसेप्शन’ नाम से सोलो एग्जीबिशन की है। उन्हें नेचर फोटोग्राफी और ट्रैवलिंग का बहुत शौक है। राजनीति और लाइमलाइट से दूर रहने वाले रेहान ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में की, फिर देहरादून के दून स्कूल से और उच्च शिक्षा लंदन की एसओएएस यूनिवर्सिटी से पूरी की। वे अपनी मां प्रियंका गांधी से फोटोग्राफी की प्रेरणा लेते हैं और दादा राजीव गांधी के काम से भी प्रभावित हैं। रेहान राजनीति में सक्रिय नहीं हैं और अपनी कला पर फोकस करते हैं।
कौन हैं अवीवा बेग? (Who is Aviva Baig)
अवीवा बेग दिल्ली की एक युवा फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं। वे एक प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं। उनके पिता इमरान बेग व्यवसायी हैं और मां नंदिता बेग प्रसिद्ध इंटीरियर डिजाइनर हैं। नंदिता बेग और प्रियंका गांधी पुरानी दोस्त हैं, तथा नंदिता ने कांग्रेस मुख्यालय के इंटीरियर में योगदान दिया था। अवीवा ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से मीडिया कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में डिग्री हासिल की।
अवीवा एटेलियर 11 नाम की फोटोग्राफी स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनी की को-फाउंडर हैं, जो ब्रांड्स और क्लाइंट्स के साथ काम करती है। उनकी फोटोग्राफी रोजमर्रा की जिंदगी को दिखाती है। उन्होंने कई गैलरी में अपनी कला प्रदर्शित की है, जैसे मेथड गैलरी में ‘यू कैन नॉट मिस दिस’ (2023), इंडिया आर्ट फेयर और द क्वोरम क्लब में। अवीवा ने मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है, जैसे प्लसराइम में फ्रीलांस प्रोड्यूसर, प्रोपागैंडा में जूनियर प्रोजेक्ट मैनेजर और वर्व मैगजीन में इंटर्नशिप। वे रेहान की तरह फोटोग्राफी में रुचि रखती हैं और नेशनल लेवल फुटबॉल प्लेयर भी रह चुकी हैं।
अवीवा बेग का परिवार और पृष्ठभूमि
दिल्ली के एक प्रतिष्ठित और प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखने वाली अवीवा बेग की पृष्ठभूमि हमेशा चर्चा में रही है। उनके पिता इमरान बेग एक जाने-माने व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां नंदिता बेग इंटीरियर डिजाइन की दुनिया में एक स्थापित नाम मानी जाती हैं। बताया जाता है कि बेग परिवार के कांग्रेस नेता वाड्रा परिवार से वर्षों पुराने घनिष्ठ संबंध रहे हैं। इसी कड़ी में नंदिता बेग का नाम कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के इंटीरियर डिजाइन से भी जुड़ा रहा है, जहां उन्होंने अहम योगदान दिया था।
अवीवा बेग ने अपनी अलग पहचान एक नेशनल लेवल फुटबॉल खिलाड़ी और प्रोफेशनल फोटोग्राफर के रूप में बनाई है। वह मीडिया और सोशल लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करती हैं और अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखती हैं।
वहीं, अगर ‘बेग’ उपनाम की बात करें तो भारत और पाकिस्तान में इसे आमतौर पर मुस्लिम समुदाय के भीतर मुगल वंश से जुड़े लोगों से जोड़ा जाता है। सामाजिक दृष्टि से इसे एक प्रतिष्ठित और सम्मानित सरनेम माना जाता है। यह उपनाम सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि उज्बेकिस्तान, तुर्की, ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में भी व्यापक रूप से प्रचलित है। खास तौर पर उत्तर भारत, कश्मीर और पाकिस्तान में बेग उपनाम वाले लोगों में सुन्नी मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक बताई जाती है।
परिवार का निजी आयोजन
यह पूरा कार्यक्रम निजी रखा गया है और परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रणथंभौर गांधी परिवार का पसंदीदा स्थान है, जहां वे अक्सर प्रकृति के बीच समय बिताते हैं। नए साल के स्वागत के साथ यह खुशी का मौका परिवार के लिए खास बन गया है।
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