नई दिल्ली, 20 जनवरी (khabarwala24)। भारतीय चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया वाले राज्यों में 22 और रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। इनमें से सबसे अधिक रोल ऑब्जर्वर पश्चिम बंगाल में नियुक्त किए गए हैं।
बताया गया कि इनमें से 11 नए नियुक्त ऑब्जर्वर पश्चिम बंगाल राज्य में हैं, जिससे राज्य में रोल ऑब्जर्वरों की कुल संख्या 20 हो गई है।
इससे पहले विशेष गहन परीक्षण में हो रही देरी पर चिंता जताई गई थी। माना जा रहा है कि प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नए रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई है।
ये रोल ऑब्जर्वर यह सुनिश्चित करेंगे कि एसआईआर चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही किया जाए। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद को मुर्शिदाबाद जिले का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल को पश्चिम मेदिनीपुर का कार्यभार सौंपा गया है।
इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मसौदे पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान गैर-सूचीबद्ध पहचान दस्तावेजों को स्वीकार करने वाले कुछ ईआरओ और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) से स्पष्टीकरण मांगने पर विचार कर रहा है। आरोप है कि एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग के विशिष्ट निर्देशों की अनदेखी की गई थी।
ईसीआई ने पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकने वाले 13 दस्तावेजों को निर्दिष्ट किया था। इसने ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया था कि वे सूचीबद्ध 13 दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज को स्वीकार न करें। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया था कि इस मामले में ईसीआई के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इस मामले में ऐसे विशिष्ट निर्देशों के बावजूद, कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां ईआरओ और एईआरओ द्वारा गैर-सूचीबद्ध दस्तावेजों को पहचान-प्रमाण दस्तावेजों के रूप में स्वीकार किया गया है।
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