नई दिल्ली, 28 अगस्त (khabarwala24)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को तेजी से अपनाने के कारण जनरेटिव एआई इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग ऑपरेशंस जैसी भूमिकाएं भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में सैलरी के नए बेंचमार्क तय कर रही हैं और इन नौकरियों में वरिष्ठ कर्मचारियों को 58-60 लाख रुपए प्रति वर्ष तक का वार्षिक पैकेज मिल रहा है। यह जानकारी गुरुवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई।
टीमलीज डिजिटल की रिपोर्ट में कहा गया, यह उछाल एआई-नेटिव ऑपरेटिंग मॉडल की ओर बदलाव को दर्शाता है, जहां एलएलएम एकीकरण, स्वायत्त निर्णय-प्रक्रिया और आईपी के नेतृत्व वाले इनोवेशन मानक बन रहे हैं। प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एलएलएम सिक्योरिटी और ट्यूनिंग, एआई ऑर्केस्ट्रेशन, एजेंट डिजाइन, सिमुलेशन गवर्नेंस और एआई अनुपालन एवं जोखिम संचालन जैसे विशिष्ट एआई कौशलों की मांग विशेष रूप से बीएफएसआई, स्वास्थ्य सेवा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में काफी मजबूत है।
साइबर सुरक्षा और डेटा इंजीनियरिंग जैसी नौकरियां जीसीसी में आधारभूत स्तंभ बने हुए हैं, जहां वित्त वर्ष 27 तक औसत वेतन क्रमशः 28 लाख रुपए से बढ़कर 33.5 लाख रुपए प्रति वर्ष (20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ) और 23 लाख रुपए से बढ़कर 27 लाख रुपए प्रति वर्ष (17 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ) पहुंचने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में बताया गया, सीनियर लेवल पर साइबर सिक्योरिटी पेशेवर 55 लाख रुपए और डेटा इंजीनियर्स 42 लाख रुपए तक का वार्षिक पैकेज हासिल कर सकते हैं।
भारत का एआई बाजार तीव्र वृद्धि के दौर में प्रवेश कर रहा है, जिसके 2025 तक 45 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से 28.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, और एआई अब एंटरप्राइज वैल्यू क्रिएशन का केंद्रबिंदु बन गया है।
एआई को अपनाने से रोजगार बाजारों में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक स्तर पर 40 प्रतिशत तक नौकरियां विशेष रूप से आईटी सेवाओं, ग्राहक अनुभव, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (बीएफएसआई) और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रभावित होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जीसीसी एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग के कारण कुल नई व्हाइट-कॉलर तकनीकी नौकरियों में 22-25 प्रतिशत से अधिक का योगदान देंगे।
2027 तक अनुमानित 4.7 मिलियन नई तकनीकी नौकरियों में से, 1.2 मिलियन से अधिक जीसीसी द्वारा, विशेष रूप से जनरल एआई और इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास में पैदा की जाएंगी।
रिपोर्ट में कहा गया कि जीसीसी में नियुक्तियां महानगरों से आगे बढ़ रही हैं, और वित्त वर्ष 25 में 130-140 हजार नए स्नातकों की भर्ती होने की उम्मीद है।
एबीएस/
Source : IANS
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