पटना, 21 जनवरी (khabarwala24)। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल महिला प्रकोष्ठ ने बुधवार को पटना में आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च महिलाओं पर हो रहे कथित अत्याचार, दुष्कर्म और हत्याओं के विरोध में था। पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों की घटनाओं को लेकर विरोध जताया गया। इस दौरान, राज्य सरकार और शासन-प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया गया।
इस आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्डबोर्ड पर “बेटी बचाओ” की बात लिखे हुए नारों के साथ राजद के पार्टी कार्यालय से आयकर गोलंबर तक आक्रोश मार्च का नेतृत्व राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक रेखा पासवान, प्रदेश प्रवक्ता सारिका पासवान, राजद महिला प्रकोष्ठ की पूर्व अध्यक्ष आभा लता सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पार्टी के नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
आक्रोश में शामिल महिलाएं नारों के साथ महिलाओं को न्याय दिए जाने की मांग कर रही थीं और नीतीश सरकार से सवाल पूछ रही थीं कि शर्म करो, महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों? इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बिहार में जिस तरह से सरकार कार्य कर रही है, उससे स्पष्ट होता है कि बिहार में, और खासतौर से पटना में, महिलाएं, छात्राएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। जहां सत्ता के संरक्षण में पुलिस की मिलीभगत से महिलाओं के खिलाफ इस तरह की घटनाओं में लिप्त अपराधियों को बचाने वाली कार्रवाई चल रही है और पटना में सत्ता के संरक्षण में छात्राओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता नहीं दिखती है।
आरोप लगाया गया कि बिहार में और खासतौर से पटना में छात्रावास की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह सक्रिय हैं, जिस कारण अभिभावक छात्राओं को पटना से निकाल रहे हैं। जिस तरह की स्थिति दिख रही है, ऐसा लगता है कि सत्ता में बैठे हुए लोग न तो बेटी को पढ़ाने के प्रति और न ही बेटी को बचाने के प्रति गंभीर हैं। सिर्फ नारों में ही “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की बातें सत्ता पक्ष के द्वारा की जाती हैं। इस मार्च में राजद के कई नेता भी शामिल रहे।
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