नई दिल्ली, 10 जनवरी (khabarwala24)। एनसीआर और आसपास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) के निर्देशों के मुताबिक 8 जनवरी को दिल्ली के नारायणा के कैंटोनमेंट बोर्ड एरिया में एक खास जॉइंट इंस्पेक्शन ड्राइव चलाया गया।
यह ड्राइव ऑल नारायणा रेजिडेंट्स वेलफेयर समिति के सदस्यों से मिली शिकायतों के बाद की गई थी, जिसमें रिहायशी इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स के चलने के बारे में बताया गया था। यह इंस्पेक्शन सीएक्यूएम, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के फ्लाइंग स्क्वॉड ने मिलकर किया था, जिसका मकसद मौजूदा एनवायरनमेंटल नियमों और लैंड-यूज नियमों के पालन को वेरिफाई करना था।
इंस्पेक्शन के समय चालू पाई गई हर इंडस्ट्रियल यूनिट की जांच की गई। नारायणा के सीबी एरिया में कुल 21 इंडस्ट्रियल यूनिट्स का इंस्पेक्शन किया गया। इंस्पेक्शन से पता चला कि दिल्ली मास्टर प्लान (एमपीडी)-2021 के नियमों के मुताबिक 21 में से 19 यूनिट “हाउसहोल्ड इंडस्ट्रीज” की कैटेगरी में आती हैं, लेकिन उनके पास एनओसी नहीं है, जबकि बाकी दो यूनिट्स को मंजूर हाउसहोल्ड इंडस्ट्रीज के तहत सूचीबद्ध नहीं किया गया था।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की कंसेंट पॉलिसी के मुताबिक और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, रेजिडेंशियल इलाकों में चलने वाली हाउसहोल्ड इंडस्ट्रीज को दिल्ली एनसीटी सरकार के इंडस्ट्रीज कमिश्नर की अध्यक्षता में बनी हाई पावर्ड कमेटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना जरूरी है।
इंस्पेक्शन के दौरान, कोई भी यूनिट सक्षम अथॉरिटी से जरूरी एनओसी लेने का डॉक्यूमेंट्री सबूत नहीं दिखा पाई।
सीएक्यूएम ने दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को इसकी जानकारी दी है और उसे यह सलाह दी है कि वह यह पक्का करने के लिए जरूरी कदम उठाए कि सीबी एरिया, नारायणा में इंडस्ट्रियल यूनिट्स को जरूरी एनओसी समेत आवश्यक परमिशन और कानूनी मंजूरी मिलने के बाद ही चलने दिया जाए।
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